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एक्सपर्ट नहीं तो पीएचडी कोर्स वर्क कौन कराएगा
Updated Mon, 03 Dec 2018 12:51 AM IST
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बरेली। सात दिन की संयुक्त क्लास के बाद एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पीएचडी कोर्स वर्क की क्लास सोमवार से शुरू हो जाएंगी, लेकिन इसमें सबसे बड़ी दिक्कत एक्सपर्ट का न होना है। अधिकतर विषयों के कोआर्डिनेटर ने कोर्स वर्क के लिए एक्सपर्ट बुलाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। बाहर से एक्सपर्ट भी पांच सौ रुपये में आने को तैयार नहीं हैं। ऐेसे में सोमवार से कोर्स वर्क की कक्षाएं शुरू कराना विश्वविद्यालय के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। पिछले साल की तरह बाहर के एक्सपर्ट आना मुश्किल हैं।
विभिन्न विषयों के 375 अभ्यर्थियों की पीएचडी कोर्स वर्क की कक्षाएं सोमवार से शुरू हो जाएंगी। सभी विषयों की कक्षाएं इस बार विश्वविद्यालय कैंपस में ही लग रही हैं। पिछली बार कक्षाएं कॉलेजों में भी लगी थी। विश्वविद्यालय कैंपस में सभी विषयों के एक्सपर्ट नहीं है। ऐसे में कोआर्डिनेटर को बाहर के एक्सपर्ट बुलाने को कहा गया है, लेकिन कोआर्डिनेटर ने बाहर के एक्सपर्ट बुलाने से हाथ खड़े कर दिए। इस बार टीए-डीए खत्म होने से बाहर के एक्सपर्ट क्लास लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। दरअसल, प्रति लेक्चर उनको पांच सौ रुपये ही दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय के लिए सबसे बड़ी समस्या है कि सोमवार से कक्षाओं में पढ़ाएगा कौन। बाहर के एक्सपर्ट आना मुश्किल है। वहीं कैंपस में सभी कक्षाएं लगाने पर अभ्यर्थियों में काफी रोष है।
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विभिन्न विषयों के 375 अभ्यर्थियों की पीएचडी कोर्स वर्क की कक्षाएं सोमवार से शुरू हो जाएंगी। सभी विषयों की कक्षाएं इस बार विश्वविद्यालय कैंपस में ही लग रही हैं। पिछली बार कक्षाएं कॉलेजों में भी लगी थी। विश्वविद्यालय कैंपस में सभी विषयों के एक्सपर्ट नहीं है। ऐसे में कोआर्डिनेटर को बाहर के एक्सपर्ट बुलाने को कहा गया है, लेकिन कोआर्डिनेटर ने बाहर के एक्सपर्ट बुलाने से हाथ खड़े कर दिए। इस बार टीए-डीए खत्म होने से बाहर के एक्सपर्ट क्लास लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। दरअसल, प्रति लेक्चर उनको पांच सौ रुपये ही दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय के लिए सबसे बड़ी समस्या है कि सोमवार से कक्षाओं में पढ़ाएगा कौन। बाहर के एक्सपर्ट आना मुश्किल है। वहीं कैंपस में सभी कक्षाएं लगाने पर अभ्यर्थियों में काफी रोष है।
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