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Bareilly News: चैंबर निर्माण को लेकर 130 साल पुराना बार दो फाड़
Mon, 19 Oct 2026 01:52 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 19 Oct 2026 01:52 AM IST
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बरेली। बरेली बार और नव गठित एडवोकेट बार एसोसिएशन के बीच वर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई है। दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। इन सबके बीच बरेली बार की ओर से वकीलों के लिए कराए जा रहे चैंबर निर्माण पर भी आंच आती दिख रही है। आरोप है कि एक पक्ष ने निर्माणाधीन स्थल पर चैंबरों के दो पिलर भी गिरा दिए हैं। एडवोकेट बार की शिकायत पर बीडीए की टीम ने भी मौका मुआयना किया है।
बरेली बार की स्थापना 1892 में हुई थी। इस वर्ष जनवरी में हुए चुनाव में बार के पूर्व अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने भी दावेदारी पेश की थी, लेकिन जीत मनोज कुमार हरित को मिली। दीपक पांडेय और गौरव राठौर के बीच सचिव पद पर टक्कर रही। चुनाव परिणाम आने के कुछ दिन बाद ही एडवोकेट बार का गठन कर अनिल द्विवेदी को अध्यक्ष और गौरव राठौर को सचिव मनोनीत किया गया। इसके साथ ही गुटबंदी खुलकर सामने आ गई।
एडवोकेट बार का आरोप है कि चैंबरों का निर्माण नियमानुसार नहीं कराया जा रहा, जबकि बरेली बार का दावा है कि निर्माण से पूर्व कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव पास कराया गया है। इधर, एडवोकेट बार ने अनियमितता का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक शिकायत की है।
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बरेली बार की स्थापना 1892 में हुई थी। इस वर्ष जनवरी में हुए चुनाव में बार के पूर्व अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने भी दावेदारी पेश की थी, लेकिन जीत मनोज कुमार हरित को मिली। दीपक पांडेय और गौरव राठौर के बीच सचिव पद पर टक्कर रही। चुनाव परिणाम आने के कुछ दिन बाद ही एडवोकेट बार का गठन कर अनिल द्विवेदी को अध्यक्ष और गौरव राठौर को सचिव मनोनीत किया गया। इसके साथ ही गुटबंदी खुलकर सामने आ गई।
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एडवोकेट बार का आरोप है कि चैंबरों का निर्माण नियमानुसार नहीं कराया जा रहा, जबकि बरेली बार का दावा है कि निर्माण से पूर्व कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव पास कराया गया है। इधर, एडवोकेट बार ने अनियमितता का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक शिकायत की है।
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