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बाढ़ राहत के लिए 15 जून तक बंधों क मरम्मत के आदेश
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बरेली। बाढ़ एवं सूखा राहत को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। बाढ़ राहत की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि संवेदनशील एवं क्षतिग्रस्त बंधों की मरम्मत आदि का कार्य 15 जून तकअवश्य पूर्ण कर लिया जाए।
कलक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को हुई बैठक में डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने सूखे से निपटने के लिए पंचायत राज विभाग और नगर विकास विभागों को खराब नलकूपों की मरम्मत कराने, नहरों के माध्यम से सूखे पोखर और तालाबों को भरने के आदेश दिए। विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि खराब ट्रांसफार्मर को निर्धारित अवधि में ठीक करवाएं। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि लोगों को लू, सक्रामक रोगों और महामारियों से बचाने के लिए चिकित्सा एवं दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। पशुधन विभाग को निर्देश दिए कि पशुओं के चारे के अभाव की स्थिति से निपटने तथा पशुओं के उपचार के लिए दवाइयों की व्यवस्था करें।
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए वार्षिक कार्य योजना 31 मई तक तैयार हो जानी चाहिए। जिले में छोटी एवं बड़ी नाव की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाय। जिला स्तर का बाढ़ कंट्रोल रूम 10 जून तक और तहसील स्तर का कंट्रोल रूम 15 जून तक सक्रिय हो जाने चाहिए। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से आर्थिक सहयोग प्राप्त करने, कैंपों को संचालित करने के संबंध में तैयारी कर ली जाएं। बाढ़ प्रभावित प्रत्येक गांव के न्यूनतम 50 व्यक्तियों के मोबाइल नंबर की डायरी तैयार कर ली जाए। इस अवसर पर एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडे, एसडीएम सदर अमरेश कुमार, एसडीएम मीरगंज रोहित यादव, एक्सईएन बाढ़ खंड कुंदन सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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कलक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को हुई बैठक में डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने सूखे से निपटने के लिए पंचायत राज विभाग और नगर विकास विभागों को खराब नलकूपों की मरम्मत कराने, नहरों के माध्यम से सूखे पोखर और तालाबों को भरने के आदेश दिए। विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि खराब ट्रांसफार्मर को निर्धारित अवधि में ठीक करवाएं। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि लोगों को लू, सक्रामक रोगों और महामारियों से बचाने के लिए चिकित्सा एवं दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। पशुधन विभाग को निर्देश दिए कि पशुओं के चारे के अभाव की स्थिति से निपटने तथा पशुओं के उपचार के लिए दवाइयों की व्यवस्था करें।
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बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए वार्षिक कार्य योजना 31 मई तक तैयार हो जानी चाहिए। जिले में छोटी एवं बड़ी नाव की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाय। जिला स्तर का बाढ़ कंट्रोल रूम 10 जून तक और तहसील स्तर का कंट्रोल रूम 15 जून तक सक्रिय हो जाने चाहिए। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से आर्थिक सहयोग प्राप्त करने, कैंपों को संचालित करने के संबंध में तैयारी कर ली जाएं। बाढ़ प्रभावित प्रत्येक गांव के न्यूनतम 50 व्यक्तियों के मोबाइल नंबर की डायरी तैयार कर ली जाए। इस अवसर पर एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडे, एसडीएम सदर अमरेश कुमार, एसडीएम मीरगंज रोहित यादव, एक्सईएन बाढ़ खंड कुंदन सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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