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पीलीभीत से हेमराज को टिकट, बरेली पर अब भी कश्मकश
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बरेली। समाजवादी पार्टी में बरेली लोकसभा सीट को लेकर मंगलवार को भी सस्पेंस खत्म नहीं हुआ। मंगलवार को सपा ने तीन प्रत्याशियों की घोषणा की, जिसमें बरेली मंडल की पीलीभीत सीट से हेमराज वर्मा का नाम घोषित हुआ लेकिन बरेली को लेकर घोषणा नहीं हुई। हालांकि, भगवत सरन गंगवार पूरे दमखम से चुनाव प्रचार में डटे हैं।
मंडल में पीलीभीत, बदायूं और बरेली लोकसभा सीट सपा और आंवला एवं शाहजहांपुर सीट बसपा के खाते में आई हैं। बसपा अपनी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। वहीं, सपा ने भी बदायूं और पीलीभीत सीट पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। मगर बरेली लोकसभा सीट को लेकर सपा ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। मंगलवार को अखिलेश यादव की प्रेसवार्ता में इसकी घोषणा होने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन भगवत समर्थकों को निराशा ही मिली। हालांकि, भगवत सरन गंगवार पूरे दमखम से चुनाव प्रचार में डटे हैं। इसके पीछे उन्हें पार्टी का संकेत मिलना बताया जा रहा है। मगर अब तक उनका नाम न घोषित नहीं होना, समर्थकों को चिंतित कर रहा है। बता दें कि 28 मार्च से नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो रहे हैं। ऐसे में सपा का इतने कम समय होने के बावजूद प्रत्याशी न घोषित करना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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मंडल में पीलीभीत, बदायूं और बरेली लोकसभा सीट सपा और आंवला एवं शाहजहांपुर सीट बसपा के खाते में आई हैं। बसपा अपनी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। वहीं, सपा ने भी बदायूं और पीलीभीत सीट पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। मगर बरेली लोकसभा सीट को लेकर सपा ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। मंगलवार को अखिलेश यादव की प्रेसवार्ता में इसकी घोषणा होने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन भगवत समर्थकों को निराशा ही मिली। हालांकि, भगवत सरन गंगवार पूरे दमखम से चुनाव प्रचार में डटे हैं। इसके पीछे उन्हें पार्टी का संकेत मिलना बताया जा रहा है। मगर अब तक उनका नाम न घोषित नहीं होना, समर्थकों को चिंतित कर रहा है। बता दें कि 28 मार्च से नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो रहे हैं। ऐसे में सपा का इतने कम समय होने के बावजूद प्रत्याशी न घोषित करना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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