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सेटेलाइट पुल- डिजाइन बदली तो 10 करोड़ बढ़ेगी लागत
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बरेली। सेटेलाइट ओवरब्रिज के डिजाइन में अगर बदलाव हुआ तो करीब 10 करोड़ रुपये की लागत बढ़ जाएगी। इस ओवरब्रिज के डिजाइन को लेकर रोडवेज के अधिकारियों ने आपत्ति जाहिर की थी। इसके बाद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने सेतु निगम और रोडवेज के अधिकारियों को बुलाकर इसे लेकर कलक्ट्रेट में मीटिंग भी कराई थी। सेतु निगम के अधिकारियों ने इस मामले पर उच्चाधिकारियों से बात की है। हालांकि अब तक कोई हल नहीं निकल सका है।
ओवरब्रिज का निर्माण करीब 26 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। इस बीच, रोडवेज के अधिकारियों ने यह पेच फंसा दिया है कि इस पुल का डिजाइन बनाने में रोडवेज की वर्कशाप और उसके पास सेटेलाइट बस अड्डे पर ध्यान नहीं दिया गया है। इनके सामने पुल की दीवार आ जाने से बसों को चौराहे की तरफ से घूम कर निकलना पड़ेगा। इससे चौराहे पर जाम की समस्या भी बढ़ जाएगी। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर एडीएम सिटी महेंद्र कुमार ने सेतु निगम और रोडवेज के अधिकारियों के साथ मीटिंग की थी। रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि वर्कशाप और बस अड्डा के सामने दीवार हटाने के लिए पुल की लंबाई बढ़ाने की जरूरत है। इस मीटिंग के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को पुल को लेकर अपने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। अफसरों का कहना है कि पुल की डिजाइन बदली गई और लंबाई में बदलाव हुआ तो कम से कम दस करोड़ की लागत बढ़ जाएगी।
‘पुल के डिजाइन में कोई खामी नहीं है। रोडवेज की बसें थोड़ा घूमकर भी निकल सकती है। अगर डिजाइन बदलकर पुल की लंबाई बढ़ाई गई तो बजट में आठ से दस करोड़ रुपये बढ़ाने होंगे।’
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- वीके सेन, उप परियोजना प्रबंधक
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ओवरब्रिज का निर्माण करीब 26 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। इस बीच, रोडवेज के अधिकारियों ने यह पेच फंसा दिया है कि इस पुल का डिजाइन बनाने में रोडवेज की वर्कशाप और उसके पास सेटेलाइट बस अड्डे पर ध्यान नहीं दिया गया है। इनके सामने पुल की दीवार आ जाने से बसों को चौराहे की तरफ से घूम कर निकलना पड़ेगा। इससे चौराहे पर जाम की समस्या भी बढ़ जाएगी। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर एडीएम सिटी महेंद्र कुमार ने सेतु निगम और रोडवेज के अधिकारियों के साथ मीटिंग की थी। रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि वर्कशाप और बस अड्डा के सामने दीवार हटाने के लिए पुल की लंबाई बढ़ाने की जरूरत है। इस मीटिंग के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को पुल को लेकर अपने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। अफसरों का कहना है कि पुल की डिजाइन बदली गई और लंबाई में बदलाव हुआ तो कम से कम दस करोड़ की लागत बढ़ जाएगी।
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‘पुल के डिजाइन में कोई खामी नहीं है। रोडवेज की बसें थोड़ा घूमकर भी निकल सकती है। अगर डिजाइन बदलकर पुल की लंबाई बढ़ाई गई तो बजट में आठ से दस करोड़ रुपये बढ़ाने होंगे।’
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- वीके सेन, उप परियोजना प्रबंधक