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एलएलबी छात्रों के दाखिले रद्द होने का गुनहगार विश्वविद्यालय
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बरेली। बरेली कॉलेज में पिछले साल एलएलबी के दाखिलों में हुए फर्जीवाड़े का मामला फिर तूल पकड़ गया है। बरेली कॉलेज प्रशासन ने छात्रों के एडमिशन निरस्त होने का ठीकरा विश्वविद्यालय पर ही फोड़ दिया है। एक आरटीआई के जवाब में बरेली कॉलेज ने कहा कि कॉलेज ने निरस्त एडमिशन को नियमविरुद्ध कभी नहीं कहा। विश्वविद्यालय से भी पूछा कि किस आधार पर इन दाखिलों को नियमविरुद्ध बताया जा रहा है लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। बता दें कि एडमिशन रद्द होने को लेकर कुछ छात्र कोर्ट भी गए हैं।
पिछले साल बरेली कॉलेज में एलएलबी प्रवेश पर काफी हंगामा हुआ था। दरअसल कुछ एडमिशन ग्रीवांस सेल से हुए, जिनको फर्जी बताया गया। विश्वविद्यालय ने इनकी जांच कराई, जिसमें 13 प्रवेश निरस्त कर दिए गए। प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा भी हो चुकी है। मोहित कुमार सिंह नाम के छात्र ने आरटीआई के तहत कॉलेज से जवाब मांगा कि उनका प्रवेश किस नियम के तहत निरस्त किया गया। प्राचार्य ने इसका जवाब देते हुए कहा कि कॉलेज ने कभी नहीं कहा कि एडमिशन नियम विरुद्ध हुआ। विश्वविद्यालय ने परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं दी। जानकारी के लिए विश्वविद्यालय को पत्र भेजा गया जो आज तक नहीं दी गई। एडमिशन निरस्त करने का भी कोई आदेश आज तक नहीं मिला। छात्र ने कक्षाएं ली हैं। इसकी उपस्थिति के रिकॉर्ड मांगे हैं। मोहित का कहना है कि जब एडमिशन निरस्त नहीं हुआ तो उसको फॉर्म भरने से क्यों रोका गया। वहीं, परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार का कहना है कि कमेटी ने उसका प्रवेश फर्जी बताया। इसी आधार पर छात्र को परीक्षा फॉर्म भरने से रोका गया।
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पिछले साल बरेली कॉलेज में एलएलबी प्रवेश पर काफी हंगामा हुआ था। दरअसल कुछ एडमिशन ग्रीवांस सेल से हुए, जिनको फर्जी बताया गया। विश्वविद्यालय ने इनकी जांच कराई, जिसमें 13 प्रवेश निरस्त कर दिए गए। प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा भी हो चुकी है। मोहित कुमार सिंह नाम के छात्र ने आरटीआई के तहत कॉलेज से जवाब मांगा कि उनका प्रवेश किस नियम के तहत निरस्त किया गया। प्राचार्य ने इसका जवाब देते हुए कहा कि कॉलेज ने कभी नहीं कहा कि एडमिशन नियम विरुद्ध हुआ। विश्वविद्यालय ने परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं दी। जानकारी के लिए विश्वविद्यालय को पत्र भेजा गया जो आज तक नहीं दी गई। एडमिशन निरस्त करने का भी कोई आदेश आज तक नहीं मिला। छात्र ने कक्षाएं ली हैं। इसकी उपस्थिति के रिकॉर्ड मांगे हैं। मोहित का कहना है कि जब एडमिशन निरस्त नहीं हुआ तो उसको फॉर्म भरने से क्यों रोका गया। वहीं, परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार का कहना है कि कमेटी ने उसका प्रवेश फर्जी बताया। इसी आधार पर छात्र को परीक्षा फॉर्म भरने से रोका गया।
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