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Bareilly News: 118 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी का खुलासा, दो गिरफ्तार

Thu, 23 Jul 2026 02:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2026 02:07 AM IST
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118 crore GST ,two arrested
बरेली। फर्जी फर्मों के जरिये 118 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने गाजियाबाद निवासी दो आरोपियों योगेंद्र शर्मा और टिंपू को बुधवार को गिरफ्तार किया। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि पीसी इंटरप्राइजेज नाम की फर्म के जरिये 20 करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार दिखाकर 1.28 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी फ्रॉड किया गया। जांच आगे बढ़ने पर करीब एक दर्जन फर्जी फर्मों के जरिये 118 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी का मामला सामने आया। टीम ने 21 जुलाई को मालगोदाम रोड से योगेंद्र शर्मा और टिंपू को पकड़ा। योगेंद्र बुलंदशहर का और टिंपू मध्य प्रदेश के दमोह का मूल निवासी है।
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एसपी क्राइम ने बताया कि दोनों गाजियाबाद में रहकर इस गिरोह में शामिल हुए थे। आरोपियों से दो लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड, बैंक चेकबुक और 3.18 करोड़ रुपये से अधिक के हस्ताक्षरित चेक बरामद हुए हैं। एक लाल डायरी में करोड़ों रुपये का हिसाब-किताब और संदिग्ध फर्मों का रिकॉर्ड भी मिला है। इस राजफाश के लिए एसएसपी अनुराग आर्य ने साइबर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय और उनकी टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया कि गिरोह लोगों को रुपयों का लालच देता था। उनके नाम पर बैंक खाते और फर्जी फर्में खुलवाई जाती थीं। इन्हीं फर्मों के नाम से फर्जी ई-वे बिल और खरीद-बिक्री के दस्तावेज तैयार होते थे। कागजों में कारोबार दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया जाता था। फिर सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिये रकम को नकदी में बदला जाता था।


एसपी क्राइम ने बताया कि फर्जी कारोबार से निकाली गई रकम को सराफा कारोबार, डिजिटल वॉलेट और हवाला नेटवर्क के जरिये ठिकाने लगाया जाता था। नकदी के बंटवारे के लिए गिरोह नोटों के सीरियल नंबर को कोड भाषा के रूप में इस्तेमाल करता था। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। बरामद दस्तावेज के आधार पर पूरे नेटवर्क की आर्थिक जांच भी हो रही है।
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