{"_id":"5b3e68a34f1c1bc4248b4a87","slug":"11530816675-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्ज में डूबे किसान ने फंदा लगाकर जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्ज में डूबे किसान ने फंदा लगाकर जान दी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:38 AM IST
विज्ञापन
suicide
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्ज में दबे बुजुर्ग किसान नत्थू (70) ने बुधवार रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार तड़के उनका शव गांव के बाहर पेड़ पर लटका मिला। नत्थू ने पीएनबी से 48 हजार रुपये का लोन लिया था जो ब्याज समेत 56 हजार रुपये हो गया था।
बेटे राजेंद्र के मुताबिक नत्थू ने जून 2016 में पंजाब नेशनल बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 48 हजार रुपये का लोन लिया था। मगर आर्थिक तंगी के चलते वह लोन जमा नहीं कर पाए। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार की ऋण मोचन योजना के तहत उनका लोन माफ हो जाएगा, लेकिन नहीं हो सका। उन्होंने कई बार जाकर अफसरों से शिकायत की। बैंक में भी कई बार गए। 15 जून से पहले यूपी किसान कर्ज राहत पोर्टल पर भी शिकायत की, मगर उनका कर्ज फिर भी माफ नहीं हुआ। इससे वह मानसिक तनाव में थे। पिछले दो सप्ताह से खाना पीना भी कम कर दिया था।
नत्थू कुंवरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बर्खिन के रहने वाले थे। परिजनों के मुताबिक रोज की तरह बुधवार रात नत्थू अपने घेर में सोए थे। रात में वह किस समय उठकर बाहर चले गए किसी को कुछ पता नहीं चला। गुरुवार तड़के गांव से करीब दो सौ मीटर दूर एक पेड़ पर नत्थू का शव गांव वालों ने लटका देखा। परिवार वाले शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। इसलिए शव घर ले गए और शाम को अंतिम संस्कार कर दिया। नत्थू के नाम पांच बीघा जमीन है। घर में पत्नी के अलावा चार बेटे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेटे राजेंद्र के मुताबिक नत्थू ने जून 2016 में पंजाब नेशनल बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 48 हजार रुपये का लोन लिया था। मगर आर्थिक तंगी के चलते वह लोन जमा नहीं कर पाए। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार की ऋण मोचन योजना के तहत उनका लोन माफ हो जाएगा, लेकिन नहीं हो सका। उन्होंने कई बार जाकर अफसरों से शिकायत की। बैंक में भी कई बार गए। 15 जून से पहले यूपी किसान कर्ज राहत पोर्टल पर भी शिकायत की, मगर उनका कर्ज फिर भी माफ नहीं हुआ। इससे वह मानसिक तनाव में थे। पिछले दो सप्ताह से खाना पीना भी कम कर दिया था।
विज्ञापन
नत्थू कुंवरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बर्खिन के रहने वाले थे। परिजनों के मुताबिक रोज की तरह बुधवार रात नत्थू अपने घेर में सोए थे। रात में वह किस समय उठकर बाहर चले गए किसी को कुछ पता नहीं चला। गुरुवार तड़के गांव से करीब दो सौ मीटर दूर एक पेड़ पर नत्थू का शव गांव वालों ने लटका देखा। परिवार वाले शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। इसलिए शव घर ले गए और शाम को अंतिम संस्कार कर दिया। नत्थू के नाम पांच बीघा जमीन है। घर में पत्नी के अलावा चार बेटे हैं।
विज्ञापन