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तो 30 तक भी नहीं गड्ढा मुक्त नहीं हो पाएंगी सड़कें
Updated Tue, 27 Jun 2017 09:07 PM IST
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बरेली।
योगी सरकार का सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य 30 जून तक भी पूरा होता नहीं दिख रहा। पीडब्ल्यूडी ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने पर काम तो किया, लेकिन सामान्य और विशेष मरम्मत के काम नहीं हुए। अत्याधिक जर्जर सड़कों पर सामान्य और विशेष मरम्मत के प्रस्ताव भेजे गए थे। बजट न मिलने की वजह से इन पर काम नहीं हो पाया। आरईएस, जिला पंचायत, सिंचाई विभाग और गन्ना समितियों ने अपने हिस्से की सड़कों को अब तक गड्ढामुक्त नहीं कराया है। बची अवधि में भी ऐसी जर्जर सड़कों का पुनर्निर्माण संभव नहीं लग रहा।
पीडब्ल्यूडी ने 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए 1344 किलोमीटर सड़कें चिह्नित की थीं। इसमें 888.34 किलोमीटर सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं। पीडब्ल्यूडी ने गड्ढामुक्त करने के लिए सड़कों को तीन भागों में विभाजित किया था। इसमें कम जर्जर सड़कों की सामान्य मरम्मत, अत्याधिक जर्जर सड़कों की विशेष मरम्मत और गड्ढायुक्त सड़कों में पैच वर्क होना था। शासन ने 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने की समय सीमा तय की थी। निर्धारित समय सीमा में 60 फीसदी से भी कम सड़कें गड्ढामुक्त हो पाईं। इसके बाद सरकार ने गड्ढामुक्त करने की समय सीमा बढ़ाकर 30 जून कर दी। अब बढ़ी समय सीमा में भी मात्र छह दिन बचे हैं। पीडब्ल्यूडी ने सड़कों को केवल गड्ढामुक्त करने के एक हिस्से पर ही काम किया। दो हिस्सों सामान्य और विशेष मरम्मत पर बजट के अभाव में काम नहीं हो पाया। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड, निर्माण खंड और निर्माण खंड के इंजीनियर नई सड़क बनाने के लिए शासन से बजट न मिलने की बात कहकर अपना बचाव कर रहे हैं।
जिला पंचायत का
काम भी फिसड्डी
जिला पंचायत ने 56 से ज्यादा सड़कें गड्ढामुक्त करने के लिए चिह्नित की थीं। इसके लिए पहले मैनुअल टेंडर करा लिए गए। बाद में जब शासन ने ऑनलाइन टेंडर अनिवार्य कर दिए तो जिला पंचायत ने मजबूरन दोबारा टेंडर कराए। शासन की तय समय सीमा 15 जून तक जिला पंचायत की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू तक नहीं किया गया। इससे पहले जिला पंचायत ने विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले मैनुअल टेंडर कराकर 20 करोड़ के काम स्वीकृत करा लिए थे। इसे लेकर तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी रामपाल यादव और अध्यक्ष संजय सिंह के बीच विवाद हुआ था। तत्कालीन सीडीओ शिवसहाय अवस्थी की जांच में अधिकांश सड़कों का निर्माण गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया गया था। दर्जनों सड़कों के पेमेंट की फाइल बिना सड़क निर्माण कराए स्वीकृत करा ली गई थी। सड़कों को गड्ढामुक्त करने में जिला पंचायत सबसे फिसड्डी साबित हो रहा है।
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सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम लगभग पूरा हो चुका है लेकिन बजट न मिलने की वजह से सामान्य और विशेष मरम्मत के काम नहीं हो पाए। शासन से निर्धारित लक्ष्य 30 जून तक पूरा करने में लगे हैं।
-संजीव भारद्वाज, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
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योगी सरकार का सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य 30 जून तक भी पूरा होता नहीं दिख रहा। पीडब्ल्यूडी ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने पर काम तो किया, लेकिन सामान्य और विशेष मरम्मत के काम नहीं हुए। अत्याधिक जर्जर सड़कों पर सामान्य और विशेष मरम्मत के प्रस्ताव भेजे गए थे। बजट न मिलने की वजह से इन पर काम नहीं हो पाया। आरईएस, जिला पंचायत, सिंचाई विभाग और गन्ना समितियों ने अपने हिस्से की सड़कों को अब तक गड्ढामुक्त नहीं कराया है। बची अवधि में भी ऐसी जर्जर सड़कों का पुनर्निर्माण संभव नहीं लग रहा।
पीडब्ल्यूडी ने 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए 1344 किलोमीटर सड़कें चिह्नित की थीं। इसमें 888.34 किलोमीटर सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं। पीडब्ल्यूडी ने गड्ढामुक्त करने के लिए सड़कों को तीन भागों में विभाजित किया था। इसमें कम जर्जर सड़कों की सामान्य मरम्मत, अत्याधिक जर्जर सड़कों की विशेष मरम्मत और गड्ढायुक्त सड़कों में पैच वर्क होना था। शासन ने 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने की समय सीमा तय की थी। निर्धारित समय सीमा में 60 फीसदी से भी कम सड़कें गड्ढामुक्त हो पाईं। इसके बाद सरकार ने गड्ढामुक्त करने की समय सीमा बढ़ाकर 30 जून कर दी। अब बढ़ी समय सीमा में भी मात्र छह दिन बचे हैं। पीडब्ल्यूडी ने सड़कों को केवल गड्ढामुक्त करने के एक हिस्से पर ही काम किया। दो हिस्सों सामान्य और विशेष मरम्मत पर बजट के अभाव में काम नहीं हो पाया। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड, निर्माण खंड और निर्माण खंड के इंजीनियर नई सड़क बनाने के लिए शासन से बजट न मिलने की बात कहकर अपना बचाव कर रहे हैं।
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जिला पंचायत का
काम भी फिसड्डी
जिला पंचायत ने 56 से ज्यादा सड़कें गड्ढामुक्त करने के लिए चिह्नित की थीं। इसके लिए पहले मैनुअल टेंडर करा लिए गए। बाद में जब शासन ने ऑनलाइन टेंडर अनिवार्य कर दिए तो जिला पंचायत ने मजबूरन दोबारा टेंडर कराए। शासन की तय समय सीमा 15 जून तक जिला पंचायत की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू तक नहीं किया गया। इससे पहले जिला पंचायत ने विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले मैनुअल टेंडर कराकर 20 करोड़ के काम स्वीकृत करा लिए थे। इसे लेकर तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी रामपाल यादव और अध्यक्ष संजय सिंह के बीच विवाद हुआ था। तत्कालीन सीडीओ शिवसहाय अवस्थी की जांच में अधिकांश सड़कों का निर्माण गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया गया था। दर्जनों सड़कों के पेमेंट की फाइल बिना सड़क निर्माण कराए स्वीकृत करा ली गई थी। सड़कों को गड्ढामुक्त करने में जिला पंचायत सबसे फिसड्डी साबित हो रहा है।
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सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम लगभग पूरा हो चुका है लेकिन बजट न मिलने की वजह से सामान्य और विशेष मरम्मत के काम नहीं हो पाए। शासन से निर्धारित लक्ष्य 30 जून तक पूरा करने में लगे हैं।
-संजीव भारद्वाज, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी