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बेटे का नाम कटने से परेशान मां शिकायत करती भटक रही
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बरेली। बीमारी और तंगी की वजह से एक गरीब मां कुछ महीने फीस नहीं भर सकी तो स्कूल वालों ने उसके बेटे का नाम काट दिया। हालांकि बाद में महिला ने बकाया फीस जमा कर दी। बावजूद इसके विद्यालय बच्चे का एडमीशन दोबारा लेने को तैयार नहीं है। महिला की पीड़ा सुनकर सिटी मजिस्ट्रेट ने स्कूल से जवाब मांगा है।
भूड़ पटी गली की रहने वाली लक्ष्मी का कहना है कि मेहनत करके परिवार का पेट पालते हुए बेटे हर्षुल को किसी तरह से पढ़ा रही है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट से यह शिकायत की कि गिरीश प्रसाद मेमोरियल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा उनका बेटा हर्षुल बीमारी की वजह से नियमित स्कूल नहीं जा सका लेकिन उसने परीक्षा दी और वह पास भी हो गया। लक्ष्मी का कहना है कि बीमारी और परेशानी की वजह से वह फीस नहीं जमा कर सकी थी। हालांकि बाद में उन्होंने जनवरी से मार्च तक की फीस जमा कर दी है। उनका आरोप है कि विद्यालय से प्रोग्रेस रिपोर्ट देते वक्त उनसे हस्ताक्षर करा लिए गए और प्रोग्रेस रिपोर्ट के साथ ही बेटे की टीसी भी दे दी गई। महिला का कहना है कि वह बेटे को इसी स्कूल में पढ़ाना चाहती है, उन्होंने टीसी के लिए आवेदन ही नहीं किया था। लक्ष्मी ने बताया कि बेटे ने कक्षा नौ पास की है। अगर उसी स्कूल में दाखिला नहीं हुआ तो वह हाईस्कूल की परीक्षा में नहीं बैठ सकेगा। उसकी पढ़ाई बर्बाद हो जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने महिला को हर संभव मदद करने का आश्वासन देते हुए स्कूल को नोटिस दिया है।
लक्ष्मी ने खुद ही बेटे की टीसी के लिए आवेदन किया था। उनके हस्ताक्षर वाला लेटर भी उनके पास है। पूर्व में भी वह कई जगह शिकायत कर चुकी है। इसके जवाब भेजे जा चुके हैं।
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- मधु मिश्रा, प्रिंसिपल, गिरीश प्रसाद मेमोरियल कॉलेज
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भूड़ पटी गली की रहने वाली लक्ष्मी का कहना है कि मेहनत करके परिवार का पेट पालते हुए बेटे हर्षुल को किसी तरह से पढ़ा रही है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट से यह शिकायत की कि गिरीश प्रसाद मेमोरियल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा उनका बेटा हर्षुल बीमारी की वजह से नियमित स्कूल नहीं जा सका लेकिन उसने परीक्षा दी और वह पास भी हो गया। लक्ष्मी का कहना है कि बीमारी और परेशानी की वजह से वह फीस नहीं जमा कर सकी थी। हालांकि बाद में उन्होंने जनवरी से मार्च तक की फीस जमा कर दी है। उनका आरोप है कि विद्यालय से प्रोग्रेस रिपोर्ट देते वक्त उनसे हस्ताक्षर करा लिए गए और प्रोग्रेस रिपोर्ट के साथ ही बेटे की टीसी भी दे दी गई। महिला का कहना है कि वह बेटे को इसी स्कूल में पढ़ाना चाहती है, उन्होंने टीसी के लिए आवेदन ही नहीं किया था। लक्ष्मी ने बताया कि बेटे ने कक्षा नौ पास की है। अगर उसी स्कूल में दाखिला नहीं हुआ तो वह हाईस्कूल की परीक्षा में नहीं बैठ सकेगा। उसकी पढ़ाई बर्बाद हो जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने महिला को हर संभव मदद करने का आश्वासन देते हुए स्कूल को नोटिस दिया है।
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लक्ष्मी ने खुद ही बेटे की टीसी के लिए आवेदन किया था। उनके हस्ताक्षर वाला लेटर भी उनके पास है। पूर्व में भी वह कई जगह शिकायत कर चुकी है। इसके जवाब भेजे जा चुके हैं।
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- मधु मिश्रा, प्रिंसिपल, गिरीश प्रसाद मेमोरियल कॉलेज