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मुआयना करने के लिए नहीं आई ज्वाइंट कमेटी
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बरेली। पटरी से उतरे इंजन की जांच के करने के लिए ज्वाइंट कमेटी मुआयना करने के लिए तीन दिन बाद भी घटना स्थल पर नहीं पहुंची। दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि इंजन की ओवर हालिंग होनी थी, इसके बाद उसे पटरियों पर दौड़ाया जा रहा है।
इंजन की जांच करने के लिए मंडलीय कार्यालय से ज्वाइंट कमेटी तीन दिन बाद भी मौके पर नहीं पहुंची। इंजन अभी भी खड़ा हुआ है। टीम के मुआयना करने के बाद ही रिपोर्ट बनाई जाएगी जिससे पता चलेगा कि पटरी में क्या कमी थी। दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि इंजन पीओएच (पीरिओडिक ओवर हाल) 22 अप्रैल को होना था, लेकिन रेलवे सभी मानकों का ताक में रखते हुए इंजन को पटरियों पर दौड़ा रही थी। यह इंजन बरेली बांदीकुई पैसेंजर में लगना था। घटना वाले दिन आरपीएफ, टेक्निकल अनुभाग और स्टेशन अधीक्षक ने ज्वाइंट रिपोर्ट बनाकर मुरादाबाद भेज दी जिसमें प्वाइंट न बनने का जिक्र किया था। इसके बाद भी अभी तक मुआयना नहीं हुआ है। गौरतलब है कि 27 अप्रैल को शंटिंग करता हुआ इंजन यार्ड के पास पर पटरी से उतर गया था। शाम सात बजे हुई इस घटना से मुरादाबाद डिवीजन में हड़कंप मच गया था। एडीआरएम ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। इस इंजन को रात 9.05 बजे बरेली बांदीकुई पैसेंजर ट्रेन को लेकर जाना था। हादसे के बाद डाउन लाइन पर बाधित हुआ यातायात देर रात तक बहाल नहीं हुआ था। हालांकि स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने प्रथमदृष्टया प्वाइंट मैन को हादसे के लिए दोषी माना है।
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इंजन की जांच करने के लिए मंडलीय कार्यालय से ज्वाइंट कमेटी तीन दिन बाद भी मौके पर नहीं पहुंची। इंजन अभी भी खड़ा हुआ है। टीम के मुआयना करने के बाद ही रिपोर्ट बनाई जाएगी जिससे पता चलेगा कि पटरी में क्या कमी थी। दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि इंजन पीओएच (पीरिओडिक ओवर हाल) 22 अप्रैल को होना था, लेकिन रेलवे सभी मानकों का ताक में रखते हुए इंजन को पटरियों पर दौड़ा रही थी। यह इंजन बरेली बांदीकुई पैसेंजर में लगना था। घटना वाले दिन आरपीएफ, टेक्निकल अनुभाग और स्टेशन अधीक्षक ने ज्वाइंट रिपोर्ट बनाकर मुरादाबाद भेज दी जिसमें प्वाइंट न बनने का जिक्र किया था। इसके बाद भी अभी तक मुआयना नहीं हुआ है। गौरतलब है कि 27 अप्रैल को शंटिंग करता हुआ इंजन यार्ड के पास पर पटरी से उतर गया था। शाम सात बजे हुई इस घटना से मुरादाबाद डिवीजन में हड़कंप मच गया था। एडीआरएम ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। इस इंजन को रात 9.05 बजे बरेली बांदीकुई पैसेंजर ट्रेन को लेकर जाना था। हादसे के बाद डाउन लाइन पर बाधित हुआ यातायात देर रात तक बहाल नहीं हुआ था। हालांकि स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने प्रथमदृष्टया प्वाइंट मैन को हादसे के लिए दोषी माना है।
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