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छले गए आढ़ती खा रहे कलेक्ट्रेट में धक्के, दलाल टटोल रहे बाकी धान का ‘भाव’
Updated Thu, 29 Nov 2018 01:53 AM IST
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बरेली। पुलिस की साठगांठ से बगैर लाइसेंस के ही लंबे समय तक चले धान खरीद के करोड़ों के कारोबार की पहले तो किसी को भनक ही नहीं लगी और जब लेनदेन पर विवाद होने के बाद इस गोरखधंधे का खुलासा हुआ तो पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने राइस मिल में रखा धान उन आढ़तियों को उठवा दिया जिन्होंने उनसे सेटिंग कर ली। दूसरे आढ़ती अब अपने धान और पेमेंट के लिए कलक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे हैं। हापुड़ जिले का एक विधायक का भी 50 लाख का पेमेंट फंसा हुआ है। कई आढ़ती बुधवार को दलालों के जरिये सिटी मजिस्ट्रेट से मिलने की जुगाड़ में लगे रहे लेकिन वह अपने दफ्तर में नहीं मिल पाए। उधर एक दलाल इन आढ़तियों से कुछ धान वापस कराने को सौदेबाजी करने में लग गया है। उसने वादा किया है कि वह बुखारा स्थिति एक गोदाम में रखा धान उन्हें दिला देगा।
परसाखेड़ा की आरके राइस मिल परिसर में राकेश सिंह ने बगैर लाइसेंस के पिछले महीने बड़ी मात्रा में बरेली के साथ कई और जिलों के आढ़तियों से धान की खरीदारी शुरू कर दी। दस करोड़ से ज्यादा कीमत का धान खरीदने वाला दिल्ली निवासी राकेश सिंह के सहयोगी रिठौरा के अमित गुप्ता ने इस धान से चावल बनवाकर चुपचाप बाजार में भी बेच दिया, लेकिन किसी आढ़ती का भुगतान नहीं किया। भुगतान न मिलने से परेशान पिछले दिनों बरेली पहुंचे आढ़तियों ने राइस मिल पर हंगामा कर दिया। फिर पुलिस बुला ली और बड़ी मात्रा में धान गाड़ियों में भरवाकर ले गए थे। इसकी शिकायत होने पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट अजय शुक्ला को कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि प्रभावित आढ़तियों का भुगतान हो अथवा धान वापस कराया जाए। सिटी मजिस्ट्रेट ने डीएम के निर्देश पर एटा और देवचरा की फर्मों को करीब 48 सौ क्विंटल धान उठवा दिया। अन्य आढ़तियों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने शोरशराबा कर दिया। राइस मिल पार्टनर कनिष्क मनचंदा और मंडी समिति की ओर से धान की लूटपाट और लाइसेंस बिना धान खरीद आदि की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें राकेश सिंह और अमित गुप्ता नामजद हैं। लेकिन पुलिसअमित गुप्ता को पकड़ने के बजाय उसके जरिये सौदेबाजी में लगी हुई है।
बुधवार दोपहर में कई आढ़ती सिटी मजिस्ट्रेट से मिलने पहुंचे लेकिन वह कार्यालय में नहीं थे। फिर उन लोगों राशन कारोबारी अमित गुप्ता से संपर्क किया और धान दिलाने या भुगतान कराने में मदद मांगी। गुप्ता ने उन्हें आश्वासन दे दिया कि वह बुखारा में कपिल खंडेलवाल के गोदाम में रखे करीब पांच हजार क्विंटल धान में से सभी उनका हिस्सा दिला देगा। लेकिन इसके बदले साहब को ‘खुश’ भी करना होगा क्योंकि इसके बगैर वह कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।
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परसाखेड़ा की आरके राइस मिल परिसर में राकेश सिंह ने बगैर लाइसेंस के पिछले महीने बड़ी मात्रा में बरेली के साथ कई और जिलों के आढ़तियों से धान की खरीदारी शुरू कर दी। दस करोड़ से ज्यादा कीमत का धान खरीदने वाला दिल्ली निवासी राकेश सिंह के सहयोगी रिठौरा के अमित गुप्ता ने इस धान से चावल बनवाकर चुपचाप बाजार में भी बेच दिया, लेकिन किसी आढ़ती का भुगतान नहीं किया। भुगतान न मिलने से परेशान पिछले दिनों बरेली पहुंचे आढ़तियों ने राइस मिल पर हंगामा कर दिया। फिर पुलिस बुला ली और बड़ी मात्रा में धान गाड़ियों में भरवाकर ले गए थे। इसकी शिकायत होने पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट अजय शुक्ला को कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि प्रभावित आढ़तियों का भुगतान हो अथवा धान वापस कराया जाए। सिटी मजिस्ट्रेट ने डीएम के निर्देश पर एटा और देवचरा की फर्मों को करीब 48 सौ क्विंटल धान उठवा दिया। अन्य आढ़तियों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने शोरशराबा कर दिया। राइस मिल पार्टनर कनिष्क मनचंदा और मंडी समिति की ओर से धान की लूटपाट और लाइसेंस बिना धान खरीद आदि की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें राकेश सिंह और अमित गुप्ता नामजद हैं। लेकिन पुलिसअमित गुप्ता को पकड़ने के बजाय उसके जरिये सौदेबाजी में लगी हुई है।
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बुधवार दोपहर में कई आढ़ती सिटी मजिस्ट्रेट से मिलने पहुंचे लेकिन वह कार्यालय में नहीं थे। फिर उन लोगों राशन कारोबारी अमित गुप्ता से संपर्क किया और धान दिलाने या भुगतान कराने में मदद मांगी। गुप्ता ने उन्हें आश्वासन दे दिया कि वह बुखारा में कपिल खंडेलवाल के गोदाम में रखे करीब पांच हजार क्विंटल धान में से सभी उनका हिस्सा दिला देगा। लेकिन इसके बदले साहब को ‘खुश’ भी करना होगा क्योंकि इसके बगैर वह कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।
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