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बरेली: फर्जी अभिलेखों से नौकरी कर रहे 11 शिक्षक बर्खास्त, दो दर्जन पर अब भी नजर
Sat, 13 Jul 2019 05:41 AM IST
Abhishek Singh
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं, (बरेली)
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं, (बरेली)
Published by: Abhishek Singh
Updated Sat, 13 Jul 2019 05:41 AM IST
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शिक्षक
- फोटो : Social Media (File Photo)
फर्जी अभिलेखों के जरिए तीन साल से परिषदीय स्कूलों में नौकरी कर रहे 11 शिक्षकों को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। इन सभी शिक्षकों को सेवा समाप्ति का नोटिस भेज दिया गया है। अभी जिले में करीब दो दर्जन और फर्जी शिक्षकों की चर्चा है जिनके अभिलेखों की जांच चल रही है। जल्द ही उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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वर्ष 2015-16 के बाद प्रदेश में कई परिषदीय स्कूलों में विभिन्न चरणों में शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। एसआईटी ने जांच में पाया कि सैकड़ों ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति हो गई है, जिन्होंने बीएड की डिग्री के साथ ही शिक्षक पात्रता परीक्षा आदि के फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी हासिल की है। एसआईटी की जांच के बाद शासन ने कड़ा रुख अपनाया और अधिकारियों को फर्जी शिक्षकों का पता लगाने के लिए उनके अभिलेखों की जांच का आदेश दिया।
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जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में सभी शिक्षकों के मूल शैक्षिक अभिलेख जमा थे, साथ ही विभाग के पास उनके अभिलेखों की छायाप्रति भी थी। जब जांच शुरू हुई तो जिले में करीब तीन दर्जन शिक्षकों के अभिलेख संदिग्ध पाए गए। करीब दो साल से इसकी जांच चल रही थी। शुक्रवार को बीएसए रामपाल सिंह राजपूत ने अभिलेखों के फर्जी पाए जाने पर 11 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी।
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बीएसए रामपाल सिंह राजपूत ने कहा कि अभिलेखों के फर्जी पाए जाने पर शिक्षकों से 3 जुलाई तक नोटिस के जरिए जवाब मांगा था, लेकिन किसी का कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अभिलेखों के पूरी तरह फर्जी होने पर इन 11 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। कुछ और मामलों की जांच चल रही है।