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जंक्शन पर खड़े हुए 11 आइसोलेशन कोच, सुभाषनगर के लोगों में आक्रोश

Fri, 19 Jun 2020 01:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2020 01:55 AM IST
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11 isolates standing at the junction
बरेली जंक्शन के प्लेटफार्म छह पर खड़ा आइसोलेशन कोच। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

पार्षद ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से की बातचीत

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बरेली। कोविड-19 के मरीजों को भर्ती करने के लिए रेलवे ने जंक्शन पर 11 आइसोलेशन कोच खड़े किए हैं। इनमें एक एसी कोच मेडिकल स्टाफ के लिए है, बाकी दस कोविड मरीजों के लिए हैं। फिलहाल अभी रास्ता न बनने तक मरीजों को भर्ती नहीं किया जाएगा। इससे पहले सिटी स्टेशन पर भी आइसोलेशन कोचों को खड़ा किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि कोविड हॉस्पिटल में मरीजों की संख्या बढ़ने पर ही मरीजों को इन आइसोलेशन कोच में भर्ती किया जाएगा। दूसरी ओर जंक्शन के प्लेटफार्म छह पर कोच पहुंचते ही सुभाष नगर के लोगों में आक्रोश फैल गया है। उनका कहना था कि मरीजों के भर्ती होने से सुभाष नगर क्षेत्र में संक्रमण फैल सकता है।
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पूर्व पार्षद आलोक तायल ने बताया कि सुभाष नगर पुलिया से एंबुलेंस आएगी। ऐसे में नेकपुर होते हुए ही रास्ता है, जो मुख्य सुभाष नगर को पार करती हुई प्लेटफार्म पर पहुंचेगी। ऐसे में क्षेत्रवासियों के लिए खतरा पैदा हो जाएगा। इस संबंध में पार्षद सुभाष वर्मा ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से बात की। सुभाष वर्मा ने कहा कि उन्होंने कहा है कि इन कोचों में बहुत जरूरी होने पर ही मरीज भर्ती किए जाएंगे। हालांकि वह जल्द ही डीएम को भी इस मामले से अवगत करा देंगे।
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रेलवे ने स्पष्ट की आइसोलेशन कोच की जिम्मेदारी

बरेली। रेल मंत्रालय ने कोविड केयर सेंटर्स के रूप में अपने पुराने कोचों के रैक आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करके प्रदेश के कुल 24 स्टेशनों पर लगाए हैं। एक सामान्य कोच में 16 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है यानी जरूरत पड़ने पर एक रैक (10 सामान्य कोच और एक स्टॉफ के लिए) में कुल 160 मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। रेलवे ने इन कोचों की जिम्मेदारी के संबंध में एक सूचना जाहिर की है, जिसके मुताबिक मरीजों के भर्ती होने पर कोच की सफाई और उसके संक्रमण मुक्त (ऐसा ही रैक की वापसी के वक्त भी), डॉक्टर और अन्य स्टाफ की तैनाती, एंबुलेंस, मेडिकल स्टाफ के लिए पीपीई किट, दवाएं और अन्य उपकरण, बायोवेस्ट का डिस्पोजल, पानी का टैंकर, कैटरिंग और अन्य व्यवस्था जिला प्रशासन को संभालनी होंगी। इसके अलावा कोच मेंटीनेंस स्टाप और उनकी पीपीई किट, कोच की पावर सप्लाई, संचार व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे की होगी।
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