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बहन की बरात आने से पहले भाई की हादसे में मौत
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खुटार (शाहजहांपुर)। बहन की बरात आने से कुछ देर पहले ही भाई की हादसे में मौत हो जाने से घर में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में फेरे करवाने के बाद दुल्हन को विदा कर दिया गया और ससुराल से तुरंत वापस भी लाया गया। इसके बाद भाई का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हादसे में एक अन्य युवक की भी मौत हुई है।
खुटार के गांव रघुनाथपुर निवासी 35 वर्षीय साहबदयाल की बहन बसंती की मंगलवार रात शादी थी। शाम को कारीगरों ने साहब दयाल को बताया कि दूध कम पड़ गया है। इस पर वह बाइक से खीरी के सीमावर्ती गांव बेला पहाड़ा में दूध लेने चला गया। दूध लेकर वापस आते समय उसकी बाइक मोहम्मदी के मियांपुर कालोनी निवासी कमलेश की बाइक से टकरा गई। हादसे में साहब दयाल, कमलेश और कमलेश की बाइक पर बैठा विश्वनाथ गंभीर से घायल हो गए।
सूचना घर पहुंची तो साहब दयाल के घर कोहराम मच गया। कमलेश के परिवार के लोग भी मौके पर पहुंचे। कमलेश ने घर पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया, जबकि विश्वनाथ को शाहजहांपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। साहब दयाल को इलाज के लिए लखीमपुर ले जाया जा रहा था लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इससे शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
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उधर रात आठ बजे बरात भी साहब दयाल के घर आ पहुंची तो शव को घर के एक कमरे में रखकर गमगीन माहौल में फेरे कराए गए और बसंती को ससुराल भेज दिया गया। ससुराल पहुंचने के कुछ देर बाद ही उसे वापस मायके लाया गया और बुधवार को साहब दयाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। साहब दयाल की मौत से परिवार के साथ ही गांव में भी गम का माहौल है। बहन बसंती, साहब दयाल की पत्नी मंजू देवी के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। दोनों बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे।
पिता की पहले ही हो चुकी है मौत
खुटार। साहब दयाल के पिता की काफी समय पूर्व मौत हो चुकी है। साहब दयाल ही मेहनत मजदूरी कर मां कटोरी देवी, बहन बसंती देवी, सेनू देवी, भाई सेवाराम, पिंटू आदि का खर्च चलाता था। सेवाराम और पिंटू भी उसकी मदद करते थे। साहब दयाल बहन को बहुत प्यार करता था। उसने बहन की शादी के लिए गरीबी के बाद भी भरपूर इंतजाम किए थे। बरातियों की आवभगत के लिए भी तमाम प्रकार के व्यंजन बनवाए गए थे, लेकिन हादसे में मौत के कारण बहन की डोली को कंधा देने की उसकी तमन्ना पूरी नहीं हो सकी। वधू के भाई की मौत की जानकारी पाकर तमाम बरातियों ने दुखी परिवार को सांत्वना दी और बिना भोजन किए मौके से चले गए। साहब दयाल अपने पीछे पत्नी मंजू के अलावा पुत्री नौ वर्षीय राधा देवी, छह वर्षीय साधना, चार वर्षीय शोभा देवी, पुत्र दो वर्षीय लकी को छोड़ गया है। पति की मौत के बाद मंजू देवी के सामने बच्चों के पालन पोषण की समस्या आ खड़ी हुई है।
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खुटार के गांव रघुनाथपुर निवासी 35 वर्षीय साहबदयाल की बहन बसंती की मंगलवार रात शादी थी। शाम को कारीगरों ने साहब दयाल को बताया कि दूध कम पड़ गया है। इस पर वह बाइक से खीरी के सीमावर्ती गांव बेला पहाड़ा में दूध लेने चला गया। दूध लेकर वापस आते समय उसकी बाइक मोहम्मदी के मियांपुर कालोनी निवासी कमलेश की बाइक से टकरा गई। हादसे में साहब दयाल, कमलेश और कमलेश की बाइक पर बैठा विश्वनाथ गंभीर से घायल हो गए।
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सूचना घर पहुंची तो साहब दयाल के घर कोहराम मच गया। कमलेश के परिवार के लोग भी मौके पर पहुंचे। कमलेश ने घर पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया, जबकि विश्वनाथ को शाहजहांपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। साहब दयाल को इलाज के लिए लखीमपुर ले जाया जा रहा था लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इससे शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
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उधर रात आठ बजे बरात भी साहब दयाल के घर आ पहुंची तो शव को घर के एक कमरे में रखकर गमगीन माहौल में फेरे कराए गए और बसंती को ससुराल भेज दिया गया। ससुराल पहुंचने के कुछ देर बाद ही उसे वापस मायके लाया गया और बुधवार को साहब दयाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। साहब दयाल की मौत से परिवार के साथ ही गांव में भी गम का माहौल है। बहन बसंती, साहब दयाल की पत्नी मंजू देवी के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। दोनों बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे।
पिता की पहले ही हो चुकी है मौत
खुटार। साहब दयाल के पिता की काफी समय पूर्व मौत हो चुकी है। साहब दयाल ही मेहनत मजदूरी कर मां कटोरी देवी, बहन बसंती देवी, सेनू देवी, भाई सेवाराम, पिंटू आदि का खर्च चलाता था। सेवाराम और पिंटू भी उसकी मदद करते थे। साहब दयाल बहन को बहुत प्यार करता था। उसने बहन की शादी के लिए गरीबी के बाद भी भरपूर इंतजाम किए थे। बरातियों की आवभगत के लिए भी तमाम प्रकार के व्यंजन बनवाए गए थे, लेकिन हादसे में मौत के कारण बहन की डोली को कंधा देने की उसकी तमन्ना पूरी नहीं हो सकी। वधू के भाई की मौत की जानकारी पाकर तमाम बरातियों ने दुखी परिवार को सांत्वना दी और बिना भोजन किए मौके से चले गए। साहब दयाल अपने पीछे पत्नी मंजू के अलावा पुत्री नौ वर्षीय राधा देवी, छह वर्षीय साधना, चार वर्षीय शोभा देवी, पुत्र दो वर्षीय लकी को छोड़ गया है। पति की मौत के बाद मंजू देवी के सामने बच्चों के पालन पोषण की समस्या आ खड़ी हुई है।