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शहरवासियों! रेलवे के केबिन देखते रहिए पुलों पर फर्राटा महसूस करते रहिए

Fri, 03 May 2019 01:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 May 2019 01:50 AM IST
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शहरवासियों! रेलवे के केबिन देखते रहिए पुलों पर फर्राटा महसूस करते रहिए
बरेली। पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार में रेलवे के अफसरों की मनमानी से जहां गाड़ियों का संचालन बेटपरी हो गया है, वहीं इसी विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से रेलवे से जुड़े विकास के प्रोजेक्ट भी लटके पड़े हैं। लालफाटक और आईवीआरआई ओवरब्रिज के प्रोजेक्ट रेलवे अफसरों की ढिलाई से नहीं शुरू हो पा रहे हैं। लालफाटक ओवरब्रिज का हाल यह है कि काफी देरी के बाद रेलवे ने करीब डेढ़ माह पहले साइट ऑफिस तो बनवा लिया है, लेकिन अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पुल का निर्माण शुरू कराने के लिए मिट्टी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। उनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। आईवीआरआई पर रेलवे अभी केवल अंडरपास बना रहा है। पहले यह काम भी लंबे वक्त से बंद था। फ्लाईओवर का काम कब शुरू होगा, ये रेलवे के अधिकारी भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। शहर के ये दोनों महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट लटक जाने से पब्लिक को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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लालफाटक ओवरब्रिज
26 करोड़ की लागत से बनना है 162 मीटर लंबा ओवरब्रिज
लालफाटक पर 82.49 करोड़ की लागत से 955 मीटर लंबे ओवरब्रिज का निर्माण होना है। इसमें 26 करोड़ की लागत से रेलवे को भी दोनों रेलवे क्रासिंग पर 162 मीटर लंबे ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करना है। सेतु निगम यहां वर्ष 2017 से पुल का निर्माण करा रहा है, लेकिन रेलवे के अधिकारियों ने अब तक ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर सुध नहीं ली है। इतना जरूर है कि रेलवे ने करीब सवा माह पहले दोनों रेलवे क्रासिंग के बीच में साइट आफिस खोल दिया है। साथ ही मिट्टी की जांच के लिए सैंपल दिल्ली में कश्मीरी गेट स्थित मुख्यालय भेज दिया। लेकिन अब तक उसकी जांच पूरी होकर नहीं आई है। रेलवे को यहां फोरलेन पुल के लिए अपने हिस्से की जमीन पर आठ पिलर बनाने हैं। अंडरपास का निर्माण भी होना है। दिक्कत यह है कि दोनों ही कोई काम दिखाई नहीं दे रहे हैं। जबकि सेतु निगम के अधिकारियों ने क्रासिंग और कैंट के बीच पीडब्ल्यूडी की जमीन पर पिलर खड़े करने के काम पूरे कर लिए हैं। बदायूं की तरफ भी काम काम पूरा हो गया है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि पुल बनाने के लिए कांट्रेक्टर तय हो गया है। एक से डेढ़ माह के बीच ओवरब्रिज का काम प्रारंभ हो जाएगा।
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अस्पताल छोर वाले अंडरपास की रोड बनना शुरू
ओवरब्रिज का यह प्रोजेक्ट भी रेलवे के अधिकारियों की लापरवाही से अधर में लटका है। 955.42 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज का जो हिस्सा क्रासिंग पर है, उसका काम रेलवे के अधिकारियों को पूरा करना है। रेलवे की ढिलाई के चलते ओवरब्रिज का जो काम पिछले मार्च में हो जाना चाहिए था, वह अब तक पूरा नहीं हो सका है। करीब पांच माह पहले रेलवे ने यहां अंडरपास बनाने का काम शुरू किया था, लेकिन बीच में कांट्रेक्टर के गायब हो जाने से निर्माण काफी दिनों तक ठप रहा। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि वह अपने हिस्से के ओवरब्रिज का निर्माण पूरा कर चुके है। केवल पुल पर रोड बनना बाकी है। जबकि रेलवे ने अब तक ओवरब्रिज बनाने का काम शुरू नहीं किया है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि पहले अंडरपास बनेगा। इन दिनों रेलवे अस्पताल की तरफ अंडरपास और उसकी सीसी सड़क का काम चल रहा है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि अंडरपास बनाने पर फोकस है ताकि ट्रैफिक आसानी से आ जा सके। हालांकि जेल रोड वाले अधूरे अंडरपास से लोग फिर निकलने लगे हैं।
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‘सेतु निगम लालफाटक और आईवीआरआई पुल का काम पूरा करा रहा है। देरी रेलवे के अधिकारियों की तरफ से हो रही है। इस संबंध में कई बार उनके अधिकारियों से भी वार्ता हो चुकी है।’
- वीके सेन, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम
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