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डेंगू की चपेट में आकर महिला की गई जान
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Fri, 16 Sep 2016 11:39 PM IST
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Dengue
- फोटो : Amar ujala
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सोनिकपुर गांव में डेंगू की चपेट में आई महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। पांच दिन पहले बुखार से पीड़ित होने पर सीएचसी लाया गया था। जहां जांच आदि बाहर कराए जाने की सलाह पर परिवारीजन लखनऊ लेकर गए थे।
लोनीकटरा के सोनिकपुर गांव में बीते कई दिनों से बुखार से पीड़ित कमलेश कुमारी (36) पत्नी परवीन सिंह की लखनऊ के निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवारीजनों ने बताया कि लखनऊ में चिकित्सको ने जांच के बाद डेंगू के बुखार से पीड़ित होकर गंभीर अवस्था में पहुंचने की बात कही थी। गुरुवार की रात लखनऊ के निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई है।
परिवारीजनों ने कहा बुखार से पीड़ित होने पर बीते सोमवार को सीएचसी त्रिवेदीगंज ले गए थे जहां डॉक्टर ने गंभीर बीमारी की आशंका जताते हुए इलाज से पहले बाहर से आवश्यक जांच कराने की सलाह देकर वापस कर दिया था। इसके बाद परिवारीजन इलाज के लिए लखनऊ के लोहिया अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां भी मरीजों की भारी संख्या इलाज में लापरवाही के कारण मरीज को लेकर यहां से वहां भटकते रहे।
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अंत में निजी हास्पिटल में मरीज को भर्ती कराया, लेकिन भारी भरकम खर्च के बाद भी संतोषजनक इलाज नहीं हो सका। निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई। सीएचसी अधीक्षक नितीश साहू ने कहा केंद्र पर जांच की कोई व्यवस्था नहीं है, मरीजो को बुखार की दवा दी जाती है। गंभीर होने पर इलाज के लिए रेफर कर दिया जाता है।
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लोनीकटरा के सोनिकपुर गांव में बीते कई दिनों से बुखार से पीड़ित कमलेश कुमारी (36) पत्नी परवीन सिंह की लखनऊ के निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवारीजनों ने बताया कि लखनऊ में चिकित्सको ने जांच के बाद डेंगू के बुखार से पीड़ित होकर गंभीर अवस्था में पहुंचने की बात कही थी। गुरुवार की रात लखनऊ के निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई है।
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परिवारीजनों ने कहा बुखार से पीड़ित होने पर बीते सोमवार को सीएचसी त्रिवेदीगंज ले गए थे जहां डॉक्टर ने गंभीर बीमारी की आशंका जताते हुए इलाज से पहले बाहर से आवश्यक जांच कराने की सलाह देकर वापस कर दिया था। इसके बाद परिवारीजन इलाज के लिए लखनऊ के लोहिया अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां भी मरीजों की भारी संख्या इलाज में लापरवाही के कारण मरीज को लेकर यहां से वहां भटकते रहे।
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अंत में निजी हास्पिटल में मरीज को भर्ती कराया, लेकिन भारी भरकम खर्च के बाद भी संतोषजनक इलाज नहीं हो सका। निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई। सीएचसी अधीक्षक नितीश साहू ने कहा केंद्र पर जांच की कोई व्यवस्था नहीं है, मरीजो को बुखार की दवा दी जाती है। गंभीर होने पर इलाज के लिए रेफर कर दिया जाता है।