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बिना इलाज बुखार से तड़प रहे नवजात की मौत

Sun, 29 Jan 2017 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Sun, 29 Jan 2017 11:12 PM IST
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Without treatment, death of newborn suffering from fever
जिला अस्पताल में नवजात की मौत के बाद रोते परिवारीजन। - फोटो : अमर उजाला
जिला महिला अस्पताल में डॉक्टरों की संवेदनहीनता उस समय सभी हदें पार कर दीं जब इलाज के अभाव में एक नवजात बुखार से रात भर तड़पता रहा लेकिन सूचना के बावजूद किसी चिकित्सक के न पहुंचने पर उसने दम तोड़ दिया।
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नवजात की मौत से आक्रोशित परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच सीएमओ भी पहुंच गए। पीड़ित मामले की शिकायत करने जाते, इससे पहले सीएमएस ने उन्हें खदेड़ दिया और सीएमओ से मिलने तक नहीं दिया गया। अब पीड़ित मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे। 
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जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम हलधर नगर निवासी अनीता पत्नी सुनील कुमार को प्रसव पीड़ा होने पर बीते शुक्रवार की सुबह जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोपहर बाद सीजर से प्रसूता ने बेटे को जन्म दिया। शनिवार की शाम नवजात को डीपीटी व बीसीजी का टीका लगाया गया था। टीका लगाने के बाद नवजात को तेज बुखार आ गया।
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प्रसूता के साथ आई उसकी सास परमावती बच्चे को दिखाने महिला अस्पताल की इमरजेंसी कक्ष गई तो वहां स्टाफ नर्स के अलावा कोई मौजूद नहीं था। जबकि अस्पताल में डॉ. प्रेम दयाल व डॉ. सुनील बाल रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात हैं। अस्पताल के कर्मचारियों की मानें तो रात को कोई बच्चों का डॉक्टर नहीं रुकता है।

मासूम तेज बुखार से तड़पता रहा और परिवारीजन रात भर उसे लेकर इधर उधर दौड़ते रहे। यही नहीं मौके पर मौजूद स्टॉफ ने मामले की जानकारी आनकाल डॉक्टर को दी। इसके बाद भी रविवार को सुबह आठ बजे तक उसे उपचार नहीं मिल सका। रामजनम पौत्र को इलाज के लिए पुरुष जिला अस्पताल की इमरजेंसी ले गए जहां तैनात डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। 

सदमे में परिवारीजन
नवजात की मौत से उसकी दादी परमावती व दादा रामजनम का रो-रोकर बुरा हाल था। दादी बार-बार रुंधे गले से यही कह रही थी कि काफी मन्नतों के बाद घर में बच्चे की किलकारी गूंजी थी। लेकिन चिकित्सकों की लापरवाही से वह नहीं बच सका। पिता सुनील समेत सभी परिवारीजन बच्चे की मौत के बाद सदमे में हैं। प्रसूता को नवजात की मौत की अभी तक जानकारी नहीं दी गई है। 

शुक्रवार को जिस हालत में प्रसूता को भर्ती कराया गया, उसकी हालत काफी गंभीर थी। परिवारीजनों को पहले ही बता दिया गया था जच्चा-बच्चा को बचाने के लिए ऑपरेशन करना पड़ेगा। ऑपरेशन कर बच्चे का जन्म कराया गया था। रात में बच्चे को बुखार आने की जानकारी नहीं है। न ही परिवारीजनों को सीएमओ से मिलने के लिए रोका गया है। -डॉ. आभा आशुतोष, सीएमएस महिला अस्पताल

 
जिला महिला अस्पताल में नवजात की मौत का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि परिवारीजन कोई लिखित शिकायत करते हैं तो इसकी जांच कराकर जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. डीआर सिंह, सीएमओ
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