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Barabanki News: फसल क्षति का सर्वे सैटेलाइट से क्यों नहीं

Sun, 25 Oct 2026 01:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sun, 25 Oct 2026 01:57 AM IST
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Why not use satellites to survey crop damage?
 अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में जुटे किसान
बाराबंकी। खेत में पराली जलाने का पता सैटेलाइट से लगाकर किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाती है, तो बाढ़ और बारिश से तबाह हुई फसलों का सर्वे इसी तकनीक से क्यों नहीं कराया जाता? अमर उजाला कार्यालय में शनिवार को आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम में किसान और किसान संगठन के नेताओं ने यह सवाल उठाये। उन्होंने खाद की किल्लत, निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूले जाने और जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी नाराजगी जताई।
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किसानों ने अमर उजाला की पहल का किया स्वागत

भारतीय किसान यूनियन हरपालपुर के जिलाध्यक्ष विक्रांत सैनी ने कहा कि पराली जलाने के मामलों में सैटेलाइट से निगरानी कर किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। ऐसे में बाढ़ और बारिश से बर्बाद हुई फसलों का आकलन करने के लिए भी इसी तकनीक का इस्तेमाल होना चाहिए, ताकि प्रभावित किसानों को मुआवजा मिल सके। का कहना था कि प्राकृतिक आपदा से फसल बर्बाद होने पर किसानों को राहत देने के लिए भी सरकार को उतनी ही तत्परता दिखानी चाहिए।
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भारतीय किसान यूनियन आजाद के प्रदेश अध्यक्ष सुनील यादव ने खाद की उपलब्धता और बिक्री व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों को डीएपी की जरूरत है, लेकिन उनकी मांग के अनुरूप खाद नहीं मिल रही है और एनपीके लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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दशहरी गुट के जिलाध्यक्ष निहाल अहमद ने कहा कि खाद की ओवररेटिंग भी हो रही है। उन्होंने मांग की कि किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराई जाए और निर्धारित दर पर बिक्री सुनिश्चित हो। किसान संगठन के जिलाध्यक्ष केके यादव ने जिला अस्पताल में लंबे समय से हृदय रोग विशेषज्ञ न होने और अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि इससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

किसान नेता लवकुश और जिला प्रभारी आफताब आलम ने जिला महिला अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि रात में गंभीर मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पाता। मरीजों को रेफर किए जाने के बाद परिजनों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। महिला किसान तसलीम खान ने कहा कि बंकी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज को लेकर देरी हो रही है। रोजाना सैकड़ो को संख्या में मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी हो जाती है।
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