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आंधी और बारिश से मौसम सुहाना

Wed, 07 Jun 2017 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Wed, 07 Jun 2017 12:05 AM IST
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Weather and sunny weather
बाराबंकी में मंगलवार को फतेहपुर क्षेत्र में बारिश में भीगी मेंथा की कटी पड़ी फसल। - फोटो : अमर उजाला
आंधी और बारिश से मंगलवार को मौसम काफी सुहाना हो गया। दिन भर रुक-रुक हुई बारिश और बादलों की आवाजाही से थोड़ी उमस रही। तेज आई आंधी व पानी में कई गावों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो गई। लो वोल्टेज की समस्या से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोमवार को शाम तक उमस इतनी रही कि लोगों का जीना मुुहाल हो गया।
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फतेहपुर व रामनगर तहसील में झमाझम बारिश होने से गन्ना किसानों को काफी राहत मिली। वहीं खेतों में कटी पड़ी मेंथा की फसल से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दी। आनन फानन किसान खेतों से फसल निकालकर ऊंचे स्थान पर दिन भर ढोते रहे। चार दिन से पारा निरंतर चढ़ने से लोग, पशु-पक्षी बेहाल हो उठे थे और पेड़ पौधे मुर्झाने लगे थे।
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गर्मी का आलम यह था कि लोगों को न घर में न बाहर चैन था। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत बढ़ने से असमय कटौती, लो वोल्टेज, फाल्ट की समस्याओं से लोग जूझ रहे थे। सोमवार को पूरे दिन बदली जरूर छाई रही लेकिन उमस इस कदर रही कि लोगों बैठे उठे चैन नहीं मिल रहा था। देर रात मौसम ने इस कदर करवट लिया कि तेज आंधी से लोगों को उमस से राहत मिली।
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आंधी में सूरतगंज क्षेत्र के कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, पोल भी टूट गए। आंधी पानी का असर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा रहा। दूसरे दिन गांव की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। मसौली क्षेत्र के बड़ागांव, मूंजापुर, नौबस्ता, हौजपुर, ज्योरी आदि गांवों में पूरे दिन लो वोल्टेज से ग्रामीण हलकान रहे।    

तहसील फतेहपुर व रामनगर में सबसे ज्यादा बारिश हुई। यहां पर सुबह पांच बजे हुई झमाझम बारिश के खेतों में पानी भर गया। जिससे खेतों में कटी पड़ी मेंथा की फसल प्रभावित हो गई। सिहाली, दौलतपुर, हसनपुर टांडा, तिलरन के किसानों ने बारिश रुकने के बाद खेतो से फसल निकालकर ऊंचे स्थानों पर पहुंचाते दिखे।

ईशेपुर के पास ईंट पथाई के बाद बारिश से फड़ों में इतना पानी भर गया कि, पाथी गई ईंट पिघल गई। पथाई करने वाले मजदूरों की सारी मेहनत पर पानी फिर गया। वहीं कई ईंट भट्ठों पर कोयला व लकड़ी भीग जाने पर ईंट फुंकाई का कार्य प्रभावित रहा। वहीं रामनगर तहसील में गन्ना किसानों के लिए बारिश वरदान साबित हुई।  


इस मामले पर उप कृषि निदेशक एसपी सिंह ने बताया ‌इतनी ज्यादा बारिश नहीं हुई है    जिससे फसलों को नुकसान पहुंचे। गन्ना किसानों के लिए बारिश वरदान  है वहीं मेंथा में कीट का प्रकोप कम होगा। मेंथा की जो कटी फसल खेतों में पड़ी है वह थोड़ी प्रभावित हो जाएगी।
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