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Barabanki News: ग्रामीणों की समस्याओं का गांव में ही होगा समाधान
Mon, 06 Jul 2026 01:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 06 Jul 2026 01:29 AM IST
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बाराबंकी। ग्राम पंचायतों में आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने निर्देश जारी किए हैं कि लेखपाल अब पंचायत भवनों में बैठकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे। इस व्यवस्था से ग्रामीण स्तर पर ही कई मुद्दों का समाधान हो सकेगा।
यह निर्णय राजस्व परिषद की आयुक्त कंचन वर्मा द्वारा जारी आदेश के बाद लिया गया है। आयुक्त वर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को पंचायत भवनों में लेखपालों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा था। जिलाधिकारी सिंह ने अपर जिलाधिकारी को इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई लेखपाल निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस कदम से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के लिए दूर तहसील या जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। इस नई व्यवस्था से लेखपालों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। उनकी उपस्थिति से ग्रामीणों को सीधे अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगा कि लेखपाल अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करें। इससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
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समस्याओं का त्वरित निराकरण
लेखपालों के पंचायत भवनों में बैठने से गांव के लोगों की अनेक समस्याओं का समाधान गांव में ही हो जाएगा। इसमें भूमि संबंधी विवाद, खसरा-खतौनी से जुड़े मामले और आय-जाति प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं शामिल हो सकती हैं। ग्रामीणों को अब छोटे-मोटे कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
जिले की सभी 1155 ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवनों में लेखपालों को बैठकर लोगों की समस्याएं सुन निराकरण कराना है। डीएम के निर्देश के बाद इसको लेकर आदेश जारी कर सभी एसडीएम को इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
निरंकार सिंह, अपर जिलाधिकारी
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यह निर्णय राजस्व परिषद की आयुक्त कंचन वर्मा द्वारा जारी आदेश के बाद लिया गया है। आयुक्त वर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को पंचायत भवनों में लेखपालों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा था। जिलाधिकारी सिंह ने अपर जिलाधिकारी को इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई लेखपाल निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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इस कदम से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के लिए दूर तहसील या जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। इस नई व्यवस्था से लेखपालों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। उनकी उपस्थिति से ग्रामीणों को सीधे अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगा कि लेखपाल अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करें। इससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
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समस्याओं का त्वरित निराकरण
लेखपालों के पंचायत भवनों में बैठने से गांव के लोगों की अनेक समस्याओं का समाधान गांव में ही हो जाएगा। इसमें भूमि संबंधी विवाद, खसरा-खतौनी से जुड़े मामले और आय-जाति प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं शामिल हो सकती हैं। ग्रामीणों को अब छोटे-मोटे कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
जिले की सभी 1155 ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवनों में लेखपालों को बैठकर लोगों की समस्याएं सुन निराकरण कराना है। डीएम के निर्देश के बाद इसको लेकर आदेश जारी कर सभी एसडीएम को इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
निरंकार सिंह, अपर जिलाधिकारी