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50 रुपये में बेचे जा रहे थे टीकाकरण के फर्जी कार्ड
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बाराबंकी। कोरोना टीका लगवाने के लिए बढ़ रही भीड़ का लोग गलत फायदा उठाने लगे हैं। सिद्धौर में पचास रुपये में कोरोना टीकाकरण के फर्जी कार्ड बनाए जाने का मामला पकड़ा गया है। सीएचसी प्रभारी ने ऐसे चार लोगों को पकड़ा और फिर चेतावनी देकर छोड़ दिया। लेकिन मामला जब सीएमओ तक पहुंचा तो उन्होंने सीएचसी प्रभारी को फटकार लगाते हुए चारों के खिलाफ थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
सीएचसी सिद्धौर में सोमवार को कोरोना टीकाकरण का कार्य चल रहा था। इसी बीच कस्बे की एक दुकान से पचास रुपये में कोरोना के फर्जी कार्ड बनाकर लोगों को दिए जाने की सूचना सीएमओ को मिली। जिस पर सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी को तत्काल जांच के आदेश दिए।
सीएचसी प्रभारी डॉ. हरप्रीत सिंह ने मौके से कस्बे के ही रहने वाले चार लोगों को पकड़ा और पूछताछ की। दुकान संचालक ने बताया कि एक कार्ड की फोटोकॉपी करके उसे ही फर्जी तरीके से बनाकर लोगों की दी जा रही थी और ये कार्ड लेकर जो सीएचसी पर जाता था उसे तुरंत टीका लग जाता था।
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लोग भीड़ और लाइन में लगने से बचने के लिए फर्जी कार्ड के जरिए टीका लगवा रहे थे। इस दौरान उन्होंने चार लोगों को मौके से पकड़ा और चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के बजाए चेतावनी देकर छोड़ दिया। जानकारी पर सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाते हुए चारों के खिलाफ केस दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
इस बाबत सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा ने बताया कि सिद्धौर कस्बे में चार युवकों द्वारा कोरोना के फर्जी कार्ड बनाकर बेचे जाने पर सीएचसी अधीक्षक से जांच कराई गई तो मामला सही पाया गया। लेकिन सीएचसी अधीक्षक द्वारा चारों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए छोड़ देना गलत है।
सीएचसी अधीक्षक को चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और उन लोगों की रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए गए हैं जिनकी संलिप्तता इस कार्य में पाई जाए। इस कार्य में विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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सीएचसी सिद्धौर में सोमवार को कोरोना टीकाकरण का कार्य चल रहा था। इसी बीच कस्बे की एक दुकान से पचास रुपये में कोरोना के फर्जी कार्ड बनाकर लोगों को दिए जाने की सूचना सीएमओ को मिली। जिस पर सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी को तत्काल जांच के आदेश दिए।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. हरप्रीत सिंह ने मौके से कस्बे के ही रहने वाले चार लोगों को पकड़ा और पूछताछ की। दुकान संचालक ने बताया कि एक कार्ड की फोटोकॉपी करके उसे ही फर्जी तरीके से बनाकर लोगों की दी जा रही थी और ये कार्ड लेकर जो सीएचसी पर जाता था उसे तुरंत टीका लग जाता था।
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लोग भीड़ और लाइन में लगने से बचने के लिए फर्जी कार्ड के जरिए टीका लगवा रहे थे। इस दौरान उन्होंने चार लोगों को मौके से पकड़ा और चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के बजाए चेतावनी देकर छोड़ दिया। जानकारी पर सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाते हुए चारों के खिलाफ केस दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
इस बाबत सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा ने बताया कि सिद्धौर कस्बे में चार युवकों द्वारा कोरोना के फर्जी कार्ड बनाकर बेचे जाने पर सीएचसी अधीक्षक से जांच कराई गई तो मामला सही पाया गया। लेकिन सीएचसी अधीक्षक द्वारा चारों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए छोड़ देना गलत है।
सीएचसी अधीक्षक को चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और उन लोगों की रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए गए हैं जिनकी संलिप्तता इस कार्य में पाई जाए। इस कार्य में विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है।