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बूथों पर अव्यवस्था, घंटों लाइन में लगने के बाद निराश लौटे लोग
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बाराबंकी। कोरोना टीकाकरण महाअभियान के तहत मंगलवार को बूथों पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली। सुबह से ही बूथों पर लोगों की लाइनें लगनी शुरू हो गई, लेकिन कई स्थानों पर पंजीकरण न होने की चलते लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी और, लाइन में लगे लोगों के चेहरे पर मास्क तक नजर नहीं आया। बूथों पर भीड़ इतनी ज्यादा रही कि जिम्मेदार भी कोविड नियमों का पालन कराने में नाकाम रहे।
जिले में मंगलवार को एक दिवसीय टीकाकरण महाअभियान का आयोजन किया गया। इसके तहत जिले के 286 बूथों के माध्यम से 50 हजार को कोरोना वैक्सीन लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया, लेकिन शाम तक महज 35 हजार लोगों को ही कोरोना का टीका लगाया जा सका। वैक्सीन लगवाने पहुंचे लोगों का आरोप है बूथों पर न तो बैठने की कोई व्यवस्था थी और न ही टेंट लगाए गए थे।
जिससे लोगों को तेज धूप में घंटों खड़ा होना पड़ा। टीकाकरण के लिए बूथों पर आए लोगों के पंजीकरण की समुचित व्यवस्था नहीं थी नेटवर्क की समस्या की वजह से लोगों का पंजीकरण नहीं हो सका, जिससे ज्यादातर लोग निराश होकर बूथों से बिना टीका लगवाए ही वापस लौट गए।
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इस दौरान ज्यादातर बूथों पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन होता नहीं दिखाई दिया। दो गज की दूरी का पालन तो दूर लोगों के चेहरे पर मास्क तक नजर नहीं आया। जबकि विशेषज्ञ जल्द ही कोरोना की संभावित तीसरी लहर आने की आशंका जता रहे हैं। ऐसे में विभाग द्वारा बरती जा रही लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है।
सीएचसी देवा, पीएचसी मितई और तिंदोला आदि का निरीक्षण कर टीकाकरण महाअभियान की प्रगति को देखा। जहां पर ज्यादा भीड़ दिखी, वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराया गया। जिले में शाम तक 35 हजार लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया।
- डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ
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जिले में मंगलवार को एक दिवसीय टीकाकरण महाअभियान का आयोजन किया गया। इसके तहत जिले के 286 बूथों के माध्यम से 50 हजार को कोरोना वैक्सीन लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया, लेकिन शाम तक महज 35 हजार लोगों को ही कोरोना का टीका लगाया जा सका। वैक्सीन लगवाने पहुंचे लोगों का आरोप है बूथों पर न तो बैठने की कोई व्यवस्था थी और न ही टेंट लगाए गए थे।
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जिससे लोगों को तेज धूप में घंटों खड़ा होना पड़ा। टीकाकरण के लिए बूथों पर आए लोगों के पंजीकरण की समुचित व्यवस्था नहीं थी नेटवर्क की समस्या की वजह से लोगों का पंजीकरण नहीं हो सका, जिससे ज्यादातर लोग निराश होकर बूथों से बिना टीका लगवाए ही वापस लौट गए।
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इस दौरान ज्यादातर बूथों पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन होता नहीं दिखाई दिया। दो गज की दूरी का पालन तो दूर लोगों के चेहरे पर मास्क तक नजर नहीं आया। जबकि विशेषज्ञ जल्द ही कोरोना की संभावित तीसरी लहर आने की आशंका जता रहे हैं। ऐसे में विभाग द्वारा बरती जा रही लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है।
सीएचसी देवा, पीएचसी मितई और तिंदोला आदि का निरीक्षण कर टीकाकरण महाअभियान की प्रगति को देखा। जहां पर ज्यादा भीड़ दिखी, वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराया गया। जिले में शाम तक 35 हजार लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया।
- डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ