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सीडीपीओ की फटकार से दो मुख्य सेविकाएं बेहोश
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Thu, 05 May 2016 11:20 PM IST
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- फोटो : getty images
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सूरतगंज कस्बा स्थित सीडीपीओ कार्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान सीडीपीओ की फटकार से दो मुख्य सेविकाएं बेहोश हो गईं। मुख्य सेविकाओं के बेहोश होते ही वहां पर हड़कंप मच गया। आननफानन लोगों की मदद से दोनों मुख्य सेविकाओं को सीएचसी सूरतगंज पहुंचाया गया।
हालात में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। साथ रहे परिवारीजन मासिक पैसा देने से इनकार किए जाने पर नौकरी से हटाए जाने की धमकी दिए जाने से बेहोश होने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि अभी परिवारीजनों ने कोई लिखित शिकायत नहीं की है।
विकास खंड सूरतगंज की बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में सीडीपीओ पुष्पा मिश्रा सुपरवाइजरों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थीं। समीक्षा के दौरान ही बैठक में शामिल मुख्य सेविका आशा सिंह व साजिदा खातून अचानक बेहोश हो गईं।
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दोनों मुख्य सेविकाओं को बेहोश देख वहां हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने लोगों की मदद से बेहोश मुख्य सेविकाओं को सीएचसी सूरतगंज में भर्ती कराया। हालात नाजुक देख चिकित्सक ने दोनों मुख्य सेविकाओं आशा सिंह व साजिदा खातून को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सीएचसी में आए परिवारीजनों ने सीडीपीओ पर पैसा वसूली किए जाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। परिवारीजनों का कहना है कि पैसा देने से इनकार किए जाने पर उन्हें नौकरी से निकलवाने की भी धमकी दी गई। जिससे दोनों मुख्य सेविकाएं बेहोश हो गईं।
सीडीपीओ पुष्पा मिश्रा ने बताया कि आरोप निराधार है। पैसे की कोई डिमांड नहीं की गई थी। इनके द्वारा गर्भवती महिलाओं में आयरन की गोलियों का वितरण नहीं किया जा रहा था। इसके लिए फटकार लगाई थी कि इन गोलियों को रखने से क्या फायदा।
मरीजों को दिए जाने से उन्हें इसका लाभ मिलता। आयरन की गोलियों के वितरण में लापरवाही किए जाने पर कार्रवाई की बात कही गई थी।
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हालात में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। साथ रहे परिवारीजन मासिक पैसा देने से इनकार किए जाने पर नौकरी से हटाए जाने की धमकी दिए जाने से बेहोश होने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि अभी परिवारीजनों ने कोई लिखित शिकायत नहीं की है।
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विकास खंड सूरतगंज की बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में सीडीपीओ पुष्पा मिश्रा सुपरवाइजरों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थीं। समीक्षा के दौरान ही बैठक में शामिल मुख्य सेविका आशा सिंह व साजिदा खातून अचानक बेहोश हो गईं।
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दोनों मुख्य सेविकाओं को बेहोश देख वहां हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने लोगों की मदद से बेहोश मुख्य सेविकाओं को सीएचसी सूरतगंज में भर्ती कराया। हालात नाजुक देख चिकित्सक ने दोनों मुख्य सेविकाओं आशा सिंह व साजिदा खातून को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सीएचसी में आए परिवारीजनों ने सीडीपीओ पर पैसा वसूली किए जाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। परिवारीजनों का कहना है कि पैसा देने से इनकार किए जाने पर उन्हें नौकरी से निकलवाने की भी धमकी दी गई। जिससे दोनों मुख्य सेविकाएं बेहोश हो गईं।
सीडीपीओ पुष्पा मिश्रा ने बताया कि आरोप निराधार है। पैसे की कोई डिमांड नहीं की गई थी। इनके द्वारा गर्भवती महिलाओं में आयरन की गोलियों का वितरण नहीं किया जा रहा था। इसके लिए फटकार लगाई थी कि इन गोलियों को रखने से क्या फायदा।
मरीजों को दिए जाने से उन्हें इसका लाभ मिलता। आयरन की गोलियों के वितरण में लापरवाही किए जाने पर कार्रवाई की बात कही गई थी।