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Barabanki News: दो मकान नदी में समाए, धाम बचाने में जुटा प्रशासन
Sat, 03 Oct 2026 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 03 Oct 2026 01:12 AM IST
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सूरतगंज। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे उतर गया है, लेकिन हेतमापुर में नदी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। तेज धार लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है। बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार शाम तक शोभाराम और मंशाराम के मकान नदी में समा गए। अब नदी की धार बाबा नारायण दास धाम के बरामदे के नीचे तक पहुंच गई है। खतरे को देखते हुए बाढ़ खंड ने धाम को बचाने के लिए बचाव कार्य तेज कर दिया है। शुक्रवार को नेपाल के बैराजों से नदी में 2.59 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
ग्रामीणों के अनुसार हेतमापुर में करीब एक माह से लगातार कटान हो रही है। अब तक करीब 70 मकान नदी में समा चुके हैं। धाम के आसपास भी जमीन तेजी से कट रही है। बाढ़ खंड की टीम मंदिर के आगे से पीछे तक ईंटों से भरी बोरियां नदी में डाल रही है। धंसे फर्श में भी ईंटें भरवाई जा रही हैं। इसके बावजूद नदी की धार लगातार जमीन काट रही है और खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
पोकलैंड से गिराए मकानों का मलबा भी कटान रोकने में लगाया
हेतमापुर में तेज नारायण, महेंद्र, लव कुमार, ब्रजेश, विमला, शायरा बानो, कासिम और कय्यूम के मकान पोकलैंड से गिराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मकानों से निकले मलबे को बोरियों में भरकर कटान रोकने के लिए नदी में डाला जा रहा है। बाढ़ खंड के एक्सईएन शशिकांत ने बताया कि ग्रामीणों ने अपनी इच्छा से मकानों का मलबा कटान रोकने के लिए दिया है। किसी पर दबाव नहीं बनाया गया है।
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तेज हुई कटान, नदी में समा रहे खेत
कोटवाधाम। जलस्तर खतरे के निशान से नीचे जाने के बाद भी सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में शुक्रवार शाम सरयू की कटान तेज हो गई। कोठीडीहा और घुटरू गांव के पास नदी लगातार खेतों को काट रही है। किसान कप्तान सिंह, अनूप सिंह और गोविंद सिंह ने बताया कि फसलें नदी की चपेट में आ रही हैं। नुकसान से बचने के लिए किसान फसल को कच्चा ही काटकर घर ले जा रहे हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार हेतमापुर में करीब एक माह से लगातार कटान हो रही है। अब तक करीब 70 मकान नदी में समा चुके हैं। धाम के आसपास भी जमीन तेजी से कट रही है। बाढ़ खंड की टीम मंदिर के आगे से पीछे तक ईंटों से भरी बोरियां नदी में डाल रही है। धंसे फर्श में भी ईंटें भरवाई जा रही हैं। इसके बावजूद नदी की धार लगातार जमीन काट रही है और खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
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पोकलैंड से गिराए मकानों का मलबा भी कटान रोकने में लगाया
हेतमापुर में तेज नारायण, महेंद्र, लव कुमार, ब्रजेश, विमला, शायरा बानो, कासिम और कय्यूम के मकान पोकलैंड से गिराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मकानों से निकले मलबे को बोरियों में भरकर कटान रोकने के लिए नदी में डाला जा रहा है। बाढ़ खंड के एक्सईएन शशिकांत ने बताया कि ग्रामीणों ने अपनी इच्छा से मकानों का मलबा कटान रोकने के लिए दिया है। किसी पर दबाव नहीं बनाया गया है।
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तेज हुई कटान, नदी में समा रहे खेत
कोटवाधाम। जलस्तर खतरे के निशान से नीचे जाने के बाद भी सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में शुक्रवार शाम सरयू की कटान तेज हो गई। कोठीडीहा और घुटरू गांव के पास नदी लगातार खेतों को काट रही है। किसान कप्तान सिंह, अनूप सिंह और गोविंद सिंह ने बताया कि फसलें नदी की चपेट में आ रही हैं। नुकसान से बचने के लिए किसान फसल को कच्चा ही काटकर घर ले जा रहे हैं।