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चरस और मार्फीन के साथ दो गिरफ्तार
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बाराबंकी। मार्फीन तस्करों पर कार्रवाई के बावजूद जिले में नशे का कारोबार तेजी से फलफूल रहा है। जैदपुर पुलिस ने एक बार फिर जहां एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से मार्फीन बरामद की है। वहीं मसौली पुलिस ने चरस के साथ एक तस्कर को पकड़ा है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
जिले में तस्करों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत मसौली पुलिस ने एक शातिर को किया गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 250 ग्राम चरस बरामद किया है। आरोपी रिजवान निवासी बांसा को धरौली मोड़ से गिरफ्तार किया गया है।
वहीं जैदपुर पुलिस ने आरोपी बच्चू यादव निवासी कासिमपुर पकरी आलमबाग थाना कृष्णानगर लखनऊ को चन्दौली नहर पुलिया ग्राम टिकरा से गिरफ्तार किया है। तलाशी में अभियुक्त के कब्जे से 125 ग्राम मार्फीन व एक बाइक बरामद की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बुधवार कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।
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मुख्य तस्करों तक क्यों नहीं पहुंचती पुलिस
आए दिन तस्करों को पकड़कर उनके पास से 100 या फिर 50 ग्राम मार्फीन बरामद करने का दावा करने वाली पुलिस कभी भी मुख्य तस्करों तक नहीं पहुंचती है। इसके पीछे कारण है कि मुख्य तस्कर पुलिस को उनका हिस्सा देते हैं जिससे उन पर मेहरबानी बनी रहे। टिकरा गांव से पुलिस आए दिन मार्फीन बरामद करने का दावा करती है।
लेकिन यहां सात ऐसी जगह है जहां पर गांव के अंदर दिन में मार्फीन बेची जाती है लेकिन पुलिस जानकर भी इन तस्करों पर कभी हाथ नहीं डालती। ऐसे में जैदपुर पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। सूत्र बताते हैं कि जैदपुर पुलिस ने एक दिन पहले टिकरा गांव के आठ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया। लेकिन इसके बाद सेटिंग कर उन्हें छोड़ दिया गया। यह बात अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है। जबकि अफसर इससे अनजान हैं।
इन गांवों में बढ़ा नशे का कारोबार
जैदपुर थाना क्षेत्र के टिकरा गांव के अलावा ग्राम पनिहल, बलछत, मुरलीगंज, बरौली मलिक, गढ़ीराखमऊ, चंदौली, अब्दुल्लापुर, मीनापुर जैसे गांव शामिल हैं। जहां पर इन दिनों तस्करी का कारोबार फलफूल रहा है। वहीं रामसनेहीघाट के कोटवासड़क कस्बा, हैदरगढ़, दरियाबाद, असंद्रा, मसौली समेत कई ऐसे इलाके हैं जहां पर नशे का कारोबार निरंतर जारी है।
अवैध काम करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यदि किसी पुलिस कर्मी की भूमिका संदिग्ध मिलेगी तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
-यमुना प्रसाद, एसपी
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जिले में तस्करों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत मसौली पुलिस ने एक शातिर को किया गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 250 ग्राम चरस बरामद किया है। आरोपी रिजवान निवासी बांसा को धरौली मोड़ से गिरफ्तार किया गया है।
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वहीं जैदपुर पुलिस ने आरोपी बच्चू यादव निवासी कासिमपुर पकरी आलमबाग थाना कृष्णानगर लखनऊ को चन्दौली नहर पुलिया ग्राम टिकरा से गिरफ्तार किया है। तलाशी में अभियुक्त के कब्जे से 125 ग्राम मार्फीन व एक बाइक बरामद की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बुधवार कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।
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मुख्य तस्करों तक क्यों नहीं पहुंचती पुलिस
आए दिन तस्करों को पकड़कर उनके पास से 100 या फिर 50 ग्राम मार्फीन बरामद करने का दावा करने वाली पुलिस कभी भी मुख्य तस्करों तक नहीं पहुंचती है। इसके पीछे कारण है कि मुख्य तस्कर पुलिस को उनका हिस्सा देते हैं जिससे उन पर मेहरबानी बनी रहे। टिकरा गांव से पुलिस आए दिन मार्फीन बरामद करने का दावा करती है।
लेकिन यहां सात ऐसी जगह है जहां पर गांव के अंदर दिन में मार्फीन बेची जाती है लेकिन पुलिस जानकर भी इन तस्करों पर कभी हाथ नहीं डालती। ऐसे में जैदपुर पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। सूत्र बताते हैं कि जैदपुर पुलिस ने एक दिन पहले टिकरा गांव के आठ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया। लेकिन इसके बाद सेटिंग कर उन्हें छोड़ दिया गया। यह बात अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है। जबकि अफसर इससे अनजान हैं।
इन गांवों में बढ़ा नशे का कारोबार
जैदपुर थाना क्षेत्र के टिकरा गांव के अलावा ग्राम पनिहल, बलछत, मुरलीगंज, बरौली मलिक, गढ़ीराखमऊ, चंदौली, अब्दुल्लापुर, मीनापुर जैसे गांव शामिल हैं। जहां पर इन दिनों तस्करी का कारोबार फलफूल रहा है। वहीं रामसनेहीघाट के कोटवासड़क कस्बा, हैदरगढ़, दरियाबाद, असंद्रा, मसौली समेत कई ऐसे इलाके हैं जहां पर नशे का कारोबार निरंतर जारी है।
अवैध काम करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यदि किसी पुलिस कर्मी की भूमिका संदिग्ध मिलेगी तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
-यमुना प्रसाद, एसपी