फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Two accused acquitted in 13 year old Vinay murder case

Barabanki News: 13 साल पुराने विनय हत्याकांड में दो आरोपी दोषमुक्त

Mon, 15 Dec 2025 01:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Dec 2025 01:33 AM IST
विज्ञापन
Two accused acquitted in 13 year old Vinay murder case
बाराबंकी। सतरिख थाना क्षेत्र में वर्ष 2012 में दर्ज हुए विनय हत्याकांड में करीब 13 साल तक चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। इनमें से एक आरोपी घटना के बाद से ही जेल में निरुद्ध था और सुनवाई के दौरान न्यायालय में पेश किया गया, जबकि दूसरा आरोपी जमानत पर बाहर था।
विज्ञापन


31 जनवरी की शाम सतरिख के बिरौली गांव निवासी विनय (30) का शव गांव के ही एक बाग में मिला था। गले, दाढ़ी और माथे पर कटे हुए चोटों के निशान पाए गए थे, जबकि शरीर के कुछ हिस्से गायब थे। यह भी कहा गया कि कुछ अंग जंगली जानवरों द्वारा खा लिए गए हो सकते हैं।
विज्ञापन


एक फरवरी 2012 को विनय के भाई भूपेश कुमार वर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि विनय कुमार 29 जनवरी 2012 की शाम गांव में आयोजित धनुष यज्ञ और रामलीला नाटक देखने के लिए गांव के ही अमित श्रीवास्तव, लक्ष्मी नारायण यादव, जुनेद और जितेंद्र कुमार शुक्ला के साथ गया था। इन्ही लोगों ने हत्या कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने केस दर्ज कर अमित श्रीवास्तव, जुनेद और जितेंद्र कुमार शुक्ला के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। पुलिस ने अमित श्रीवास्तव के पास से एक डंडा और अभियुक्त जुनैद के पास से एक चाकू बरामद होने का दावा किया, लेकिन इन बरामद वस्तुओं को विधि विज्ञान प्रयोगशाला नहीं भेजा गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के दो गवाह मुकर गए।

वहीं, वादी भूपेश कुमार वर्मा ही मामले के एकमात्र गवाह बताए गए। अदालत ने माना कि पूरा मुकदमा संदेह के आधार पर दर्ज किया गया था। सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने उच्चतम न्यायालय के सबूतों के पंचशील सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा कि अभियोजन आरोप सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रहा है। अदालत ने जुनेद व जितेंद्र कुमार शुक्ला को दोषमुक्त करार दिया।

........................
विवेचक बन गए विशेषज्ञ
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि विवेचक द्वारा चाकू और डंडे को फॉरेंसिक जांच के लिए न भेजना गंभीर है। विवेचक ने स्वयं विशेषज्ञ की भूमिका निभाते हुए यह मान लिया कि जांच की आवश्यकता नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed