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रेल पटरी टूटने से आधा घंटा खड़ी रही ट्रेन
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सफेदाबाद (बाराबंकी)। अभी सर्दियों का मौसम आया भी नहीं कि रेल पटरी टूटने की घटनाऐं शुरू हो गयी हैं। मंगलवार की सुबह जिला कारागार के पास पटरी टूटी पाई गई। हालांकि समय रहते इसकी जानकारी होने पर पटरी की अस्थाई मरम्मत कर ट्रेन को गुजरा गया। जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
मामला बाराबंकी रेलवे स्टेशन के पास का है। मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे रेल पथ का गश्त कर रहे की-मैन अली अहमद को जिला कारागार के पास डाउन लाइन पर किमी संख्या 745/3010 का रेल पटरी टूटी मिली। उसने इस मामले की सूचना मेट पृथ्वीराज मीणा को दी। पटरी टूटने की सूचना विभाग में आग की तरह फैल गयी।
इसके बाद आननफानन रेल कर्मियों को भेजकर टूटी हुई पटरी को फिश प्लेट के सहारे जोड़ा गया। इसी ट्रैक पर मथुरा-छपरा एक्सप्रेस ट्रेन आ रही थी। लेकिन पटरी मरम्मत के चलते आधा घंटा के लिए लाल झंडी लगाकर ट्रेन रोक दिया गया। ट्रेन के अचानक इतनी देर तक रुके रहने से गर्मी के चलते यात्री बेहाल हो गए।
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ट्रैक की अस्थाई मरम्मत करने के बाद गाड़ी को काशन पर गुजारा गया। की-मैन और मेट की सजगता से ट्रेन टूटी पटरी पर गुजरने से बच गयी, वरना संभावित एक बड़ा हादसा हो सकता था। सुरक्षित ट्रेन गुजरने के बाद रेल कर्मियों सहित अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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मामला बाराबंकी रेलवे स्टेशन के पास का है। मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे रेल पथ का गश्त कर रहे की-मैन अली अहमद को जिला कारागार के पास डाउन लाइन पर किमी संख्या 745/3010 का रेल पटरी टूटी मिली। उसने इस मामले की सूचना मेट पृथ्वीराज मीणा को दी। पटरी टूटने की सूचना विभाग में आग की तरह फैल गयी।
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इसके बाद आननफानन रेल कर्मियों को भेजकर टूटी हुई पटरी को फिश प्लेट के सहारे जोड़ा गया। इसी ट्रैक पर मथुरा-छपरा एक्सप्रेस ट्रेन आ रही थी। लेकिन पटरी मरम्मत के चलते आधा घंटा के लिए लाल झंडी लगाकर ट्रेन रोक दिया गया। ट्रेन के अचानक इतनी देर तक रुके रहने से गर्मी के चलते यात्री बेहाल हो गए।
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ट्रैक की अस्थाई मरम्मत करने के बाद गाड़ी को काशन पर गुजारा गया। की-मैन और मेट की सजगता से ट्रेन टूटी पटरी पर गुजरने से बच गयी, वरना संभावित एक बड़ा हादसा हो सकता था। सुरक्षित ट्रेन गुजरने के बाद रेल कर्मियों सहित अधिकारियों ने राहत की सांस ली।