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मजहब से ऊपर उठकर करें इंसानों की मदद : मौलाना मदनी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Fri, 22 Apr 2016 01:03 AM IST
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बाराबंकी के सतरिख में गुरुवार को आयोजित सीरतुन्नवी (स.) में शामिल होने पूरे सूबे से पहुंचे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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सतरिख कस्बे में खुल रही दारुल उलूम देवबंद सहारनपुर की पहली व अंतिम शाखा खुलने के मौके पर हुए समारोह में मदरसा अनवारुल कुरान दारूम उलूम देवबंद की सभा को संबोधित करते हुए जमीएत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष हजरत मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने कहा कि अमानत जिससे ली जाए उसको वापस भी की जाए।
मौलाना ने कहा मजहब से ऊपर उठकर इंसानों को मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सतरिख में कई जगह पर इंस्टीट्यूट खोले जाएंगे जिसमें बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने की व्यवस्था होगी।
मौलाना ने कहा कि मदरसों में बहुत बच्चों ने शिक्षा ग्रहण की है और मदरसे में काफी बच्चे इल्म हासिल करेंगे इसलिए मदरसों का संचालित होना जरूरी है। कहा कि इस्लाम किसी को नाजायज सताने की इजाजत नहीं देता है।
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कौम को हमेशा नेक रास्ते पर ही चलना चाहिए। वाइस चासंलर मौलाना मुफ्ती अब्दुल कासिम नोमानी ने कहा कि मुसलमानों को दुनिया में ऐसा काम नहीं करना चाहिए कि अल्ला पाक के सामने शर्मिदा होना पड़े।
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मौलाना ने कहा मजहब से ऊपर उठकर इंसानों को मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सतरिख में कई जगह पर इंस्टीट्यूट खोले जाएंगे जिसमें बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने की व्यवस्था होगी।
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मौलाना ने कहा कि मदरसों में बहुत बच्चों ने शिक्षा ग्रहण की है और मदरसे में काफी बच्चे इल्म हासिल करेंगे इसलिए मदरसों का संचालित होना जरूरी है। कहा कि इस्लाम किसी को नाजायज सताने की इजाजत नहीं देता है।
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कौम को हमेशा नेक रास्ते पर ही चलना चाहिए। वाइस चासंलर मौलाना मुफ्ती अब्दुल कासिम नोमानी ने कहा कि मुसलमानों को दुनिया में ऐसा काम नहीं करना चाहिए कि अल्ला पाक के सामने शर्मिदा होना पड़े।