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हाईवे के ढ़ाबे पर होती थी अफीम की तस्करी संचालक समेत तीन को दबोचा
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बाराबंकी। जिले में अफीम के लाइसेंसी काश्तकारों से मिलीभगत कर अफीम और पोस्ते के छिलके की तस्करी हाईवे के ढाबों पर धड़ल्ले से की जा रही है। पुलिस ने हाईवे किनारे एक ढाबा संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से अफीम, पोस्ता का छिलका, कार व तीन लाख 19 हजार रुपये नगद बरामद किया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने प्रेस वार्ता में बताया कि स्वाट टीम और जैदपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह सफलता हासिल की है। ढाबा संचालक समेत तीन लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजा गया।
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी ने बताया कि अफीम व पोस्ता का छिलका ढाबे से ट्रक ड्राइवरों व चार पहिया वाहन सवारों को सप्लाई किया जाता था। स्वाट टीम व थाना जैदपुर पुलिस ने इस गिरोह के सरगना सुनील सिंह उसरना इटौंजा लखनऊ को उसके दो साथी गोविंद मौर्या निवासी पल्हरी सफदरगंज तथा रामनेवाज पूरे बलजोर सिंह रामसनेहीघाट को जमुरिया अहमदपुर जाने वाले तिराहे के पास से गिरफ्तार किया है।
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इनके पास से 183 किलो ग्राम पोस्ता का छिलका, 560 ग्राम अफीम और पोस्ता का छिलका बेच कर रखा गया तीन लाख 19 हजार रुपये व एक कार बरामद की गई। सुनील सिंह रामसनेहीघाट क्षेत्र में ढाबा चलाता है। सुनील सिंह ये नशीले पदार्थ गोविंद मौर्या से खरीदता था और तीसरा साथी राम नेवाज ढाबे पर आने वाले ग्राहकों को पोस्ता छिलका बेचता था। यहां से माल बाहर जाने के कारण पोस्ते का पाउडर और अफीम की भारी खपत होती थी।
पुलिस टीम में जैदुपुर प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार राय, प्रभारी स्वाट टीम विवेक कुमार सिंह, दर्शन यादव, वीरेंद्र बहादुर सिंह, दिलीप कुमार यादव, गौरव कुमार यादव, फैजान अहमद, अनुज दीक्षित, संदीप दुबे, ददरीश, आदिल हाशमी व प्रवीण शुक्ला शामिल रहे।
गोविंद मौर्य ने बताया कि सेंट्रल ब्यूरो आफ नारकोटिक्स विभाग बाराबंकी में विभिन्न थाना क्षेत्रों में अफीम की खेती का लाइसेंस दिलाता है। फूल और फिर फल आने पर नारकोटिक्स विभाग की टीम की निगरानी में चीरा लगाकर मादक पदार्थ एकत्र किया जाता है। फसल सूखने पर फल का दाना अलग कर दिया जाता है और शेष फसल को नष्ट करने के लिए जुतवा दिया जाता है किंतु सूखे फल की कपेरी को चोरी-छिपे जमा कर नशे के लिए इस्तेमाल करने हेतु तस्करी की जाती है। लाइसेंसशुदा किसानों से चोरी-छिपे यह पदार्थ प्राप्त कर ऊंचे दामों पर बेचा जाता है।
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पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने प्रेस वार्ता में बताया कि स्वाट टीम और जैदपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह सफलता हासिल की है। ढाबा संचालक समेत तीन लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजा गया।
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पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी ने बताया कि अफीम व पोस्ता का छिलका ढाबे से ट्रक ड्राइवरों व चार पहिया वाहन सवारों को सप्लाई किया जाता था। स्वाट टीम व थाना जैदपुर पुलिस ने इस गिरोह के सरगना सुनील सिंह उसरना इटौंजा लखनऊ को उसके दो साथी गोविंद मौर्या निवासी पल्हरी सफदरगंज तथा रामनेवाज पूरे बलजोर सिंह रामसनेहीघाट को जमुरिया अहमदपुर जाने वाले तिराहे के पास से गिरफ्तार किया है।
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इनके पास से 183 किलो ग्राम पोस्ता का छिलका, 560 ग्राम अफीम और पोस्ता का छिलका बेच कर रखा गया तीन लाख 19 हजार रुपये व एक कार बरामद की गई। सुनील सिंह रामसनेहीघाट क्षेत्र में ढाबा चलाता है। सुनील सिंह ये नशीले पदार्थ गोविंद मौर्या से खरीदता था और तीसरा साथी राम नेवाज ढाबे पर आने वाले ग्राहकों को पोस्ता छिलका बेचता था। यहां से माल बाहर जाने के कारण पोस्ते का पाउडर और अफीम की भारी खपत होती थी।
पुलिस टीम में जैदुपुर प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार राय, प्रभारी स्वाट टीम विवेक कुमार सिंह, दर्शन यादव, वीरेंद्र बहादुर सिंह, दिलीप कुमार यादव, गौरव कुमार यादव, फैजान अहमद, अनुज दीक्षित, संदीप दुबे, ददरीश, आदिल हाशमी व प्रवीण शुक्ला शामिल रहे।
गोविंद मौर्य ने बताया कि सेंट्रल ब्यूरो आफ नारकोटिक्स विभाग बाराबंकी में विभिन्न थाना क्षेत्रों में अफीम की खेती का लाइसेंस दिलाता है। फूल और फिर फल आने पर नारकोटिक्स विभाग की टीम की निगरानी में चीरा लगाकर मादक पदार्थ एकत्र किया जाता है। फसल सूखने पर फल का दाना अलग कर दिया जाता है और शेष फसल को नष्ट करने के लिए जुतवा दिया जाता है किंतु सूखे फल की कपेरी को चोरी-छिपे जमा कर नशे के लिए इस्तेमाल करने हेतु तस्करी की जाती है। लाइसेंसशुदा किसानों से चोरी-छिपे यह पदार्थ प्राप्त कर ऊंचे दामों पर बेचा जाता है।