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Barabanki News: जीआईसी में विज्ञान पढ़ाने वाला कोई नहीं, पढ़ाई चौपट

Fri, 04 Jul 2025 01:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Fri, 04 Jul 2025 01:14 AM IST
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There is no one to teach science in GIC, studies are ruined
बाराबंकी। जिले में पीएम श्री योजना में चयनित माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी बच्चों का भविष्य चौपट कर रही है। जिला मुख्यालय पर जिस राजकीय इंटर कालेज के परिसर में डीआईओएस कार्यालय चल रहा है, उसमें ही बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी विज्ञान का शिक्षक नहीं है। इस कॉलेज में विज्ञान वर्ग से जुड़े बच्चों का ही प्रवेश होता है। वर्तमान में यहां करीब सात सौ बच्चे पढ़ते हैं।
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कमोवेश यही हाल अन्य राजकीय विद्यालयों का भी है, जहां विषयवार शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई लिखाई चौपट हो रही है। ऐसे में विद्यार्थी अब इन सरकारी विद्यालयों में दाखिला लेने तक से कतराने लगे हैं। इससे इन विद्यालयों में हर साल बच्चों की संख्या भी कम होती जा रही है। जिले में कुल 39 पीएम श्री विद्यालय हैं, जिनमें 18 इंटर कॉलेज और 21 हाईस्कूल शामिल हैं। इनमें सृजित 186 प्रवक्ता और 334 सहायक अध्यापक के पदों के सापेक्ष केवल 72 प्रवक्ता और 179 सहायक अध्यापक ही कार्यरत हैं। शिक्षकों के लगभग आधे पद वर्षों से खाली पड़े हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के पोखरा, सिरौलीगौसपुर व कस्बा इचौली में विषय विशेषज्ञों के साथ प्रधानाचार्य के पद भी रिक्त पड़े हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यालयों में पढ़ाई नहीं हो पा रही। डीआईओएस ओपी त्रिपाठी का कहना है कि विषयवार शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्रस्ताव निदेशालय काे भेजा जा चुका है।
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जीआईसी और जीजीआईसी की स्थिति चिंताजनक
शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में 52 शिक्षकों के पद सृजित हैं, लेकिन केवल 23 पदों पर ही तैनाती है। रसायन विज्ञान के तीनों प्रवक्ता पद रिक्त हैं। जीव विज्ञान, हिंदी, गणित, संस्कृत और कला विषयों के शिक्षक भी नहीं हैं। विद्यालय में विज्ञान वर्ग के लगभग 700 छात्र हैं, लेकिन पढ़ाने वाला कोई नहीं है। वहीं शहर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में बेटियों की शिक्षा भी संकट में है। 17 प्रवक्ताओं के पद हैं, जिनमें 12 ही कार्यरत हैं। संस्कृत, गणित, उर्दू, रसायन और अंग्रेजी में कोई प्रवक्ता नहीं है। 28 सहायक अध्यापकों में से केवल 15 पदों पर तैनाती है। हिंदी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, चित्रकला, व्यायाम और कंप्यूटर जैसे विषयों के शिक्षक नहीं हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब
जीआईसी पोखरा, सिरौलीगौसपुर व कस्बा इचौली में स्थित जीजीआईसी में प्रधानाचार्य के पद तक रिक्त पड़े हैं। इससे प्रशासनिक और शैक्षिक कार्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में तो विषयवार शिक्षकों की कमी के साथ नेतृत्व की भी कमी है।
फैक्ट फाइल-------
कुल पीएम श्री विद्यालय : 39
सृजित प्रवक्ता पद : 186, कार्यरत : 72
सृजित सहायक अध्यापक : 334, कार्यरत : 179
जीआईसी बाराबंकी : 52 पद, कार्यरत : 23
जीजीआईसी बाराबंकी : 45 पद, कार्यरत : 27
पोखरा जीआईसी, सिरौलीगौसपुर जीआईसी और इचौली जीजीआईसी में प्रधानाचार्य के पद भी रिक्त पड़े हैं।
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