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Barabanki News: किशोरियों पर 24 घंटे पहरा, बुलाए गए माता-पिता
Wed, 09 Sep 2026 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 09 Sep 2026 01:15 AM IST
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बाराबंकी। संप्रेक्षण गृह में स्टाफ की चाय में रसायन मिलाकर पिला कर दो किशोरियों द्वारा की गई फरार होने की कोशिश के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मथुरा के वृंदावन में राजकीय बाल गृह में साथी किशोरी की हत्या की आरोपी दोनों किशोरियों के परिजनों को बाराबंकी बुलाया गया है। एक आरोपी किशोरी के माता-पिता मंगलवार को संप्रेक्षण गृह पहुंचे और बेटी से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया। फिलहाल दोनों किशोरियों को अलग-अलग कमरों में रखकर उन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। उनके आक्रामक व्यवहार को देखते हुए दोनों किशोरियों के कमरे से चम्मच व कपड़े तक हटाने साथ उनकी मनोचिकित्सक से काउंसिलिंग कराई जा रही है।
इन दोनों किशोरियों पर आरोप है कि इन्होंने 23 अगस्त को वृंदावन में राजकीय बाल गृह (बालिका) में रहने वाली बरेली की शिवानी की पानी से भरी बाल्टी में सिर डुबोकर हत्या कर दी थी। इनमें से एक अलीगढ़ और दूसरी पीलीभीत की रहने वाली है। दोनों को करीब 10 दिन पहले बाराबंकी के संप्रेक्षण गृह भेजा गया था। यहां आने के बाद दोनों ने भागने के लिए स्टाफ के लिए तैयार की जा रही चाय में ऑल आउट की रिफिल का लिक्विड मिला दिया। एक कर्मचारी की सजगता से दोनों किशोरियों की योजना विफल हो गई। इसके बाद दोनों ने आत्महत्या की धमकी दी है।
पिछले घटनाक्रमों को देखते हुए प्रशासन ने दोनों को अब अलग-अलग कमरों में रखने के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से उन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। इनके कमरे से ऐसी सभी सामग्री हटा दी गई हैं, जिससे वह खुद को नुकसान पहुंचा सकें। मंगलवार को अलीगढ़ की किशोरी के माता-पिता भी बेटी से मिलने पहुंचे। उसको ऐसी स्थिति में देखकर परिजन भावुक होकर रोने लगे। डीएम ईशान प्रताप सिंह स्वयं इस पर पूरी नजर रखे हैं। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि संप्रेक्षण गृह में रहने वाली दोनों किशोरियों पर नजर रखी जा रही है। मनोचिकित्सक काउंसिलिंग कर रहे हैं ताकि वे दोबारा ऐसी हरकत न करें।
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परिजनों ने नहीं दी थी दोनों किशोरियों को पनाह
दोनों किशोरियां अलग-अलग घटनाओं को लेकर वृंदावन के राजकीय बाल गृह भेजी गई थीं। दोनों अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई थीं। इनमें से एक पर घर से रुपये व जेवर चोरी करने का भी आरोप है। संबंधित जिलों की पुलिस ने इनको खोजा और परिजनों को बुलाया था। लोकलाज की बात कहकर परिजनों ने इन्हें साथ ले जाने से इन्कार कर दिया था। वृंदावन के संरक्षण गृह में करीब दो माह साथ रही दोनों किशोरियों की कहानी एक जैसी होने के कारण इनमें दोस्ती हो गई। पुलिस के अनुसार उन्होंने हत्या की घटना को इसलिए अंजाम दिया ताकि संरक्षण गृह बंद हो जाए और वह अपने प्रेमी के पास जा सकें।
हत्या के साथ लगी शरारत की धारा
हत्या की आरोपी किशोरियों पर शरारत की धारा 324 (4) बीएनएस भी लगी है क्योंकि इन्होंने वृंदावन में संरक्षण गृह का सीसीटीवी कैमरा तक तोड़ दिया था। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने, आपराधिक साजिश की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई है। इसकी सुनवाई मथुरा में हो रही है।
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इन दोनों किशोरियों पर आरोप है कि इन्होंने 23 अगस्त को वृंदावन में राजकीय बाल गृह (बालिका) में रहने वाली बरेली की शिवानी की पानी से भरी बाल्टी में सिर डुबोकर हत्या कर दी थी। इनमें से एक अलीगढ़ और दूसरी पीलीभीत की रहने वाली है। दोनों को करीब 10 दिन पहले बाराबंकी के संप्रेक्षण गृह भेजा गया था। यहां आने के बाद दोनों ने भागने के लिए स्टाफ के लिए तैयार की जा रही चाय में ऑल आउट की रिफिल का लिक्विड मिला दिया। एक कर्मचारी की सजगता से दोनों किशोरियों की योजना विफल हो गई। इसके बाद दोनों ने आत्महत्या की धमकी दी है।
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पिछले घटनाक्रमों को देखते हुए प्रशासन ने दोनों को अब अलग-अलग कमरों में रखने के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से उन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। इनके कमरे से ऐसी सभी सामग्री हटा दी गई हैं, जिससे वह खुद को नुकसान पहुंचा सकें। मंगलवार को अलीगढ़ की किशोरी के माता-पिता भी बेटी से मिलने पहुंचे। उसको ऐसी स्थिति में देखकर परिजन भावुक होकर रोने लगे। डीएम ईशान प्रताप सिंह स्वयं इस पर पूरी नजर रखे हैं। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि संप्रेक्षण गृह में रहने वाली दोनों किशोरियों पर नजर रखी जा रही है। मनोचिकित्सक काउंसिलिंग कर रहे हैं ताकि वे दोबारा ऐसी हरकत न करें।
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परिजनों ने नहीं दी थी दोनों किशोरियों को पनाह
दोनों किशोरियां अलग-अलग घटनाओं को लेकर वृंदावन के राजकीय बाल गृह भेजी गई थीं। दोनों अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई थीं। इनमें से एक पर घर से रुपये व जेवर चोरी करने का भी आरोप है। संबंधित जिलों की पुलिस ने इनको खोजा और परिजनों को बुलाया था। लोकलाज की बात कहकर परिजनों ने इन्हें साथ ले जाने से इन्कार कर दिया था। वृंदावन के संरक्षण गृह में करीब दो माह साथ रही दोनों किशोरियों की कहानी एक जैसी होने के कारण इनमें दोस्ती हो गई। पुलिस के अनुसार उन्होंने हत्या की घटना को इसलिए अंजाम दिया ताकि संरक्षण गृह बंद हो जाए और वह अपने प्रेमी के पास जा सकें।
हत्या के साथ लगी शरारत की धारा
हत्या की आरोपी किशोरियों पर शरारत की धारा 324 (4) बीएनएस भी लगी है क्योंकि इन्होंने वृंदावन में संरक्षण गृह का सीसीटीवी कैमरा तक तोड़ दिया था। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने, आपराधिक साजिश की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई है। इसकी सुनवाई मथुरा में हो रही है।