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Barabanki News: जलस्तर थमा, कटान के साथ धड़कनें भी तेज
Thu, 27 Jul 2023 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 27 Jul 2023 11:31 PM IST
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बाराबंकी में सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के तेलवारी गांव में हो रही सरयू नदी में कटान।
कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान पार करने के बाद थम गया लेकिन कटान और तेज हो गई है। नदी केनिशाने पर 25 बीघा खेती योग्य जमीन और करीब एक दर्जन मकान आ गए हैं। इससे तराई के लोगों में दहशत का माहौल है।
तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर दो दिन बढ़ने के बाद थम गया है नदी का पानी तीन घण्टे में एक सेंटीमीटर की रफ्तार से घट रहा है। लेकिन तेलवारी, इटाहुआपुर्व गोबरहा, कहारनपुरवा समेत करीब एक दर्जन गावों के पास कटान का खतरा और बढ़ गया है। नदी के उसपार बसे परसवाल के पास भी खेतों में तेजी के साथ कटान हो रही है। नदी के इस पार हो रही कटान को रोकने वाला तो कोई आया नही उसपार हो रही कटान को अभी तक झांकने तक कोई नही गया है जिससे नदी के किनारे पर बसे गांव की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। कटान का डर लोगों को सोने नहीं देता है। इस संबंध में सिरौलीगौसपुर के उपजिलाधिकारी विश्वमित्र सिंह ने बताया नदी घटने के बाद कटान तो करती ही है जहां ज्यादा कटान हो रही है वहां पर जल्द ही बचाव कार्य किया जाएगा।
लोगों ने ली सड़क पर शरण
पिछले दो दिनों से बढ़ ररहे नदी का जलस्तर को देख कर नदी की कछार में बसा रेता गांव के लोग पलायन कर आये पीड़ितों ने सड़क पर शरण ली है। इनके लिए न तो राहत केंद्र बना है और न ही इन्हें अभी तक प्रशासन कुछ मुहैया करा पाया है। यह ऐसे ही खुले आसमान के नीचे जिंदगी गुजार रहे हैं। उधर स्वास्थ्य विभाग ने तराई में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
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तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर दो दिन बढ़ने के बाद थम गया है नदी का पानी तीन घण्टे में एक सेंटीमीटर की रफ्तार से घट रहा है। लेकिन तेलवारी, इटाहुआपुर्व गोबरहा, कहारनपुरवा समेत करीब एक दर्जन गावों के पास कटान का खतरा और बढ़ गया है। नदी के उसपार बसे परसवाल के पास भी खेतों में तेजी के साथ कटान हो रही है। नदी के इस पार हो रही कटान को रोकने वाला तो कोई आया नही उसपार हो रही कटान को अभी तक झांकने तक कोई नही गया है जिससे नदी के किनारे पर बसे गांव की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। कटान का डर लोगों को सोने नहीं देता है। इस संबंध में सिरौलीगौसपुर के उपजिलाधिकारी विश्वमित्र सिंह ने बताया नदी घटने के बाद कटान तो करती ही है जहां ज्यादा कटान हो रही है वहां पर जल्द ही बचाव कार्य किया जाएगा।
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लोगों ने ली सड़क पर शरण
पिछले दो दिनों से बढ़ ररहे नदी का जलस्तर को देख कर नदी की कछार में बसा रेता गांव के लोग पलायन कर आये पीड़ितों ने सड़क पर शरण ली है। इनके लिए न तो राहत केंद्र बना है और न ही इन्हें अभी तक प्रशासन कुछ मुहैया करा पाया है। यह ऐसे ही खुले आसमान के नीचे जिंदगी गुजार रहे हैं। उधर स्वास्थ्य विभाग ने तराई में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
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