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पारा पहुंचा 44 डिग्री
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Thu, 21 Apr 2016 12:21 AM IST
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सूरज ने कहर बरपाना शुरू कर दिया
- फोटो : अमर उजाला
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अब सूरज ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बुधवार की सुबह से ही सूरज का मिजाज काफी तल्ख रहा। पछुआ ने मौसम के मिजाज को और गर्म कर दिया था। दोपहर तक लोगों को ऐसे महसूस हो रहा था कि जैसे आसमान से आग बरस रही है। जिससे राहगीर कही रुके भी तो छांव की तलाश करते रहे। भीषण गर्मी से बचने के लिए लोगों ने आइसक्रीम, शर्बत व बर्फ के गोलों का सहारा लिया। बुधवार को तापमान अधिकतम 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बुधवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज काफी तल्ख रहा। दोपहर तक सूरज सिर पर पहुंच गया साथ ही उसकी तल्खी भी काफी अधिक रही। आसमान से मानों आग बरस रही है। इससे बचने के लिए लोग घरों में ही दुबके रहे। लोगों ने गर्मी से राहत के लिए पेड़ों की छांव का सहारा लिया। लेकिन सब बेअसर रहा। बुधवार को तापमान अधिकतम 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। यह भी सामान्य से 5 डिग्री अधिक रहा।
पसीने से लतथप घर पहुंचे बच्चे
बुधवार को तेज धूप में स्कूल छूटने के बाद बच्चे पसीने से लथपथ अपने घरों को पहुंचे। भीषण गर्मी में समय से पानी नहीं मिलने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन भीषण गर्मी के बावजूद अभी तक सार्वजनिक स्थानों पर अभी तक प्याऊ तक नहीं लगाए गए है। प्याऊ लगवाने पर साल भर जनहित के लिए सक्रिय रहने का दावा करने वाले समाजसेवी व व्यापारी सभी चुप है।
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सड़क व बाजारों में रहा सन्नाटा
भीषण गर्मी के चलते लोग कम ही घरों से निकले। जिसक चलते दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा रहा। बाजारों में भी रौनक कम रही। सवारियोें के नहीं मिलने के चलते रिक्शा चालक व टेंपो चालक जहां तहां पेड़ की छांव में सुस्ताते रहे। टेंपों स्टैंडों व बस स्टेशन पर भी दोपहर में यात्री कम ही दिखे।
पिछली बार बारिश औसत से कम हुई। इसके साथ ही वातावरण का तापमान काफी बढ़ा हुआ है। साथ ही वाष्पीकरण की दर भी अधिक है। फसलों में भी जल की मांग अधिक हो गई है। लू भी बनी रहेगी। इससे भीषण गर्मी हो रही है। -डॉ. एके सिंह, वरिष्ठ मौसम विज्ञानी, मौसम विभाग कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज
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बुधवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज काफी तल्ख रहा। दोपहर तक सूरज सिर पर पहुंच गया साथ ही उसकी तल्खी भी काफी अधिक रही। आसमान से मानों आग बरस रही है। इससे बचने के लिए लोग घरों में ही दुबके रहे। लोगों ने गर्मी से राहत के लिए पेड़ों की छांव का सहारा लिया। लेकिन सब बेअसर रहा। बुधवार को तापमान अधिकतम 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। यह भी सामान्य से 5 डिग्री अधिक रहा।
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पसीने से लतथप घर पहुंचे बच्चे
बुधवार को तेज धूप में स्कूल छूटने के बाद बच्चे पसीने से लथपथ अपने घरों को पहुंचे। भीषण गर्मी में समय से पानी नहीं मिलने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन भीषण गर्मी के बावजूद अभी तक सार्वजनिक स्थानों पर अभी तक प्याऊ तक नहीं लगाए गए है। प्याऊ लगवाने पर साल भर जनहित के लिए सक्रिय रहने का दावा करने वाले समाजसेवी व व्यापारी सभी चुप है।
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सड़क व बाजारों में रहा सन्नाटा
भीषण गर्मी के चलते लोग कम ही घरों से निकले। जिसक चलते दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा रहा। बाजारों में भी रौनक कम रही। सवारियोें के नहीं मिलने के चलते रिक्शा चालक व टेंपो चालक जहां तहां पेड़ की छांव में सुस्ताते रहे। टेंपों स्टैंडों व बस स्टेशन पर भी दोपहर में यात्री कम ही दिखे।
पिछली बार बारिश औसत से कम हुई। इसके साथ ही वातावरण का तापमान काफी बढ़ा हुआ है। साथ ही वाष्पीकरण की दर भी अधिक है। फसलों में भी जल की मांग अधिक हो गई है। लू भी बनी रहेगी। इससे भीषण गर्मी हो रही है। -डॉ. एके सिंह, वरिष्ठ मौसम विज्ञानी, मौसम विभाग कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज