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पुजारी ने चिता सजा दी आत्मदाह की धमकी
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2016 11:44 PM IST
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शहर के रामजानकी मोहल्ले में बने मंदिर की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर निर्माण शुरू करा दिया है। मंदिर में रहने वाले पुजारी ने इसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे आहत होकर पुजारी ने मंदिर परिसर में अपनी चिता बना ली। गुरुवार को एसडीएम से फिर कब्जा हटाने की गुहर लगाई और कहा कि 13 जनवरी तक कब्जा न हटा तो वह उसी चिता पर आत्मदाह कर लेगा।
शहर के रामजनकी मोहल्ले में बने मंदिर के पुुजारी बाबा कमल दास का आरोप है कि मंदिर परिसर की जमीन और आने-जाने वाले मार्ग पर ओबरी निवासी विजय कुमार और अजय कुमार तथा इनके पिता विश्वू ने अवैध कब्जा कर लिया है। 15 नवंबर 2015 को इसकी शिकायत एसडीएम और तहसीलदार नवाबगंज से की थी। तहसीलदार ने अवैध कब्जा हटाने का आदेश भी दिया लेकिन कब्जा नहीं हटा। इसके बाद विपक्षियों ने 22 दिसंबर को अवैध निर्माण कराना शुरू कर दिया।
इसकी जानकारी एसडीएम सदर और तहसीलदार को दी गई लेकिन इन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जिससे इन लोगों के हौसले खासे बुलंद हैं। बाबा ने जब इसका विरोध किया तो ये लोग मारपीट पर अमादा हो गए। इससे आहत बाबा ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम देेते हुए कहा कि यदि 13 जनवरी तक अवैध कब्जा नहीं हटा तो वह 14 जनवरी को मंदिर परिसर मेें ही चिता पर बैठ आत्मदाह कर लेगा।
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शहर के रामजनकी मोहल्ले में बने मंदिर के पुुजारी बाबा कमल दास का आरोप है कि मंदिर परिसर की जमीन और आने-जाने वाले मार्ग पर ओबरी निवासी विजय कुमार और अजय कुमार तथा इनके पिता विश्वू ने अवैध कब्जा कर लिया है। 15 नवंबर 2015 को इसकी शिकायत एसडीएम और तहसीलदार नवाबगंज से की थी। तहसीलदार ने अवैध कब्जा हटाने का आदेश भी दिया लेकिन कब्जा नहीं हटा। इसके बाद विपक्षियों ने 22 दिसंबर को अवैध निर्माण कराना शुरू कर दिया।
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इसकी जानकारी एसडीएम सदर और तहसीलदार को दी गई लेकिन इन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जिससे इन लोगों के हौसले खासे बुलंद हैं। बाबा ने जब इसका विरोध किया तो ये लोग मारपीट पर अमादा हो गए। इससे आहत बाबा ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम देेते हुए कहा कि यदि 13 जनवरी तक अवैध कब्जा नहीं हटा तो वह 14 जनवरी को मंदिर परिसर मेें ही चिता पर बैठ आत्मदाह कर लेगा।
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