फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   The only promise in the name of tourism development

यहां पर्यटन विकास के नाम पर हुए सिर्फ वादे

Mon, 26 Sep 2016 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Mon, 26 Sep 2016 11:48 PM IST
विज्ञापन
The only promise in the name of tourism development
देवा में हाजी वारिस अली शाह की मजार। - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश की राजधानी लखनऊ का सबसे करीबी जिला बाराबंकी साहित्यिक, धार्मिक, राजनैतिक विरासत से धनी होने के साथ संत महापुरुषों की जन्मभूमि व कर्मभूमि भी है। इसके साथ ही जनपद में कई पर्यटन स्थल और पौराणिक धरोहरें भी हैं लेकिन विभाग की उदासीनता के चलते इन स्थलों का सौंदर्यीकरण नहीं हो सका। 
विज्ञापन


देवा की सरजमी पर विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हाजी वारिस अली की मजार है। इस सूफी संत से हमेशा लोगों को प्रेम व एकता का संदेश दिया। संत हाजी वारिस अली की मजार के निर्माण में हिंदू राजाओं का बहुत सहयोग रहा है। यही कारण है कि देवा की पवित्र भूमि प्रेम व एकता की मिसाल रही है। मजार पर मुख्यमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक आ चुके हैं। समय-समय पर राजनेताओं व उच्चाधिकारियों का आना जाना होता है।
विज्ञापन


पर यह क्षेत्र विकास के मामले में काफी पिछड़ा है। यहां पर हर साल प्रशासन की ओर से दस दिनी मेला लगता है। इसमें देश विदेश से लोग सूफी संत की मजार पर माथा टेकने व चादरपोशी के लिए आते रहे हैं। यह देवा मेला अब महोत्सव में परिवर्तित हो गया है। देवा की प्रसिद्धि व धार्मिक महत्व को देखते हुए इसे पर्यटक स्थल भी घोषित किया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


देवा में पर्यटकों के ठहरने तक का इंतजाम नहीं
देवा के लिए पर्यटन विकास मंत्रियों व शासन के उच्चाधिकारियों ने बहुतेरे वादे किए लेकिन इन वादों को अभी तक अमली जामा तक नहीं पहनाया जा सका है। तत्कालीन रेलमंत्री रहे लालू प्रसाद यादव ने देवां होते हुए रेलवे लाइन गुजारने व स्टेशन बनाने का वादा किया था।

मुख्यमंत्री रहीं मायावती ने देवा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का आश्वासन दिया था। करीब चार साल पहले तत्कालीन प्रमुख सचिव रीता सिन्हा ने लखनऊ से देवां, बहराइच, गोरखपुर व श्रावस्ती तक सूफी लेन बनाने का वादा किया था। देवां में 24 घंटे बिजली रहने के भी वादे हुए लेकिन इन वादों को आज तक पूरा नहीं किया गया।

देवां क्षेत्र में अभी तक बस स्टेशन का निर्माण नहीं हो सका है। पर्यटकों के ठहरने के लिए भी सुविधाएं नहीं हैं। इन सब अव्यवस्थाओं से पर्यटकों को जूझना पड़ता है। पिछले करीब सात सालों ने देवा के विकास कार्य के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी गई। 

औसानेश्वर महादेव भी उपेक्षा का शिकार
रामलला जन्मस्थली अयोध्या और नवाबों की राजधानी लखनऊ के बीच स्थित इस जनपद में लोेधेश्वर महादेव, कुंतेश्वर महादेव, भुवनेश्वर महादेव, अवसानेश्वर महादेव, सोेनेश्वर शिवालय, नीलकंठेश्वर शिवालय, सिद्धेश्वर महादेव, नागेश्वरनाथ, चंद्रेश्वर महादेव, धनेश्वर महादेव आदि प्रसिद्ध शिवालय हैं। जिले की हैदरगढ़ तहसील मेें तहसील मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर आदि गंगा गोमती के तट पर अद्भुत मनमोहक, हरियाली के बीच अवसानेश्वर का अत्यंत प्राचीन काल का एक शिवलिंग स्थापित है।

शिवरात्रि एवं कजरीतीज के अवसरों पर शिवभक्त यहां पूजा अर्चना करते हैं। अवसानेश्वर की इस शिवलिंग को आक्रांताओं ने बीच से चीर डालने का जो सैकड़ों वर्ष पूर्व प्रयास किया था, उसके स्पष्ट चिह्न आज भी मिटे नहीं हैं।


पूरे सावन भर यहां पर महारुद्राभिषेक भक्तों द्वारा कराया जाता है। लेकिन यह स्थल उपेक्षित है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने व परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। और मुख्यमार्ग से मंदिर पहुंचने वाला मार्ग भी जर्जर हो गया है। कुल मिलाकर इस पौराणिक स्थल विकास व सौंदर्यीकरण को तो पर्यटन व प्रशासन पूरी तरह से भूल ही गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed