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Barabanki News: चिकित्सालय को मई से मिलेगी निर्बाध बिजली
Fri, 03 Apr 2026 02:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 03 Apr 2026 02:06 AM IST
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संयुक्त चिकित्सालय सिरौली गौसपुर में बनाया गया बिजली का स्वतंत्र फीडर ।
सिरौलीगौसपुर। बिजली की समस्या झेल रही संयुक्त चिकित्सालय के कर्मचारियों और मरीजों को निजात मिलेगी। अस्पताल को निर्वाध बिजली के लिए परिसर में ही स्वतंत्र फीडर बन कर तैयार है। संयुक्त चिकित्सालय के लिए अलग से अंडरग्राउंड लाइन तैयार कर अस्पताल परिसर में ही स्वतंत्र फीडर बनाकर ट्रांसफार्मर रख दिया गया है। टेस्टिंग के बाद मई में बिजली आपूर्ति शुरू की जाएगी।
संयुक्त चिकित्सालय के लिए 10.49 लाख रुपये की लागत से बड़े बिजली घर मरकामऊ से अंडरग्राउंड लाइन तैयार की गई है। अस्पताल परिसर में अलग ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है और फीडर कार्यदाई संस्था आवास विकास परिषद को सौंपा गया। अंतिम किस्त मिलने के बाद, यानी 28 मार्च को शेष 5 करोड़ 75 लाख 44 हजार रुपये कार्यकारी संस्था को दे दिए गए हैं। कार्य पूरा होने के बाद अब यूपीपीसीएल द्वारा टेस्टिंग शुरू कर दिया गया है। पिछले समय में क्षेत्र में आंधी-तूफान और तकनीकी खराबियों के कारण 24 घंटे तक बिजली बाधित रहती थी। इससे न केवल भर्ती मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, बल्कि कर्मचारियों की कार्यक्षमता पर भी असर पड़ता था। नए स्वतंत्र फीडर के चालू होने से एक्स-रे और खून संबंधी जांचें भी निर्बाध रूप से हो सकेंगी। संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. एके प्रियदर्शी ने बताया कि मई माह तक अस्पताल में बिजली चालू होने की उम्मीद है। यह बदलाव न केवल कर्मचारियों के काम को सुगम बनाएगा, बल्कि मरीजों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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संयुक्त चिकित्सालय के लिए 10.49 लाख रुपये की लागत से बड़े बिजली घर मरकामऊ से अंडरग्राउंड लाइन तैयार की गई है। अस्पताल परिसर में अलग ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है और फीडर कार्यदाई संस्था आवास विकास परिषद को सौंपा गया। अंतिम किस्त मिलने के बाद, यानी 28 मार्च को शेष 5 करोड़ 75 लाख 44 हजार रुपये कार्यकारी संस्था को दे दिए गए हैं। कार्य पूरा होने के बाद अब यूपीपीसीएल द्वारा टेस्टिंग शुरू कर दिया गया है। पिछले समय में क्षेत्र में आंधी-तूफान और तकनीकी खराबियों के कारण 24 घंटे तक बिजली बाधित रहती थी। इससे न केवल भर्ती मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, बल्कि कर्मचारियों की कार्यक्षमता पर भी असर पड़ता था। नए स्वतंत्र फीडर के चालू होने से एक्स-रे और खून संबंधी जांचें भी निर्बाध रूप से हो सकेंगी। संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. एके प्रियदर्शी ने बताया कि मई माह तक अस्पताल में बिजली चालू होने की उम्मीद है। यह बदलाव न केवल कर्मचारियों के काम को सुगम बनाएगा, बल्कि मरीजों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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