{"_id":"684b2decd1580a533b0de164","slug":"the-grave-could-not-be-identified-sdm-returned-barabanki-news-c-315-1-brb1001-141440-2025-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: नहीं हो सकी कब्र की पहचान, लौटे एसडीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: नहीं हो सकी कब्र की पहचान, लौटे एसडीएम
Fri, 13 Jun 2025 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 13 Jun 2025 01:13 AM IST
विज्ञापन
देवा (बाराबंकी)। नगर पंचायत देवा के कब्रिस्तान में एक माह पहले दफन किए गए युवक की कब्र की पहचान बृहस्पतिवार को नहीं हो सकी। एसडीएम सदर आनंद तिवारी पुलिस बल के साथ बिना कोई कार्रवाई वापस लौट आए। शिकायतकर्ता पत्नी भी कब्र की पहचान नहीं कर सकी और न ही मृतक के परिवारवालों ने कब्र की पहचान बताई। सिर्फ स्थान बताकर किनारा कस लिया। उस स्थान पर एक माह के दौरान कई शवों को दफन किया जा चुका है। बारिश के कारण कब्रों की मिट्टी भी बैठ चुकी है।
नगर पंचायत देवा के मोहल्ला हुज्जाजी पश्चिमी द्वितीय निवासी निशात फातिमा का विवाह पड़ोस के रहने वाले रियाज उर्फ मुगल-ए-आजम (45) के साथ चार माह पहले तीन फरवरी 2025 को हुआ था। एक माह पहले रियाज की मौत हो गई। शव को दामा मियां की मजार के निकट कब्रिस्तान में दफनाया गया था। निशात फातिमा ने डीएम को शिकायती पत्र देकर शव को कब्र से खोदवाकर पोस्ट मार्टम कराए जाने की मांग की थी। उन्होेंने आशंका जताई कि उनके पति रियाज की हत्या की गई है। डीएम ने कब्र खोदकर शव का पोस्ट मार्टम कराने का आदेश दिया था। एसडीएम ने बताया कि कब्र की जब तक सही पहचान नहीं होती तब तक उसे खोदा जाना उचित नहीं है।
विज्ञापन
नगर पंचायत देवा के मोहल्ला हुज्जाजी पश्चिमी द्वितीय निवासी निशात फातिमा का विवाह पड़ोस के रहने वाले रियाज उर्फ मुगल-ए-आजम (45) के साथ चार माह पहले तीन फरवरी 2025 को हुआ था। एक माह पहले रियाज की मौत हो गई। शव को दामा मियां की मजार के निकट कब्रिस्तान में दफनाया गया था। निशात फातिमा ने डीएम को शिकायती पत्र देकर शव को कब्र से खोदवाकर पोस्ट मार्टम कराए जाने की मांग की थी। उन्होेंने आशंका जताई कि उनके पति रियाज की हत्या की गई है। डीएम ने कब्र खोदकर शव का पोस्ट मार्टम कराने का आदेश दिया था। एसडीएम ने बताया कि कब्र की जब तक सही पहचान नहीं होती तब तक उसे खोदा जाना उचित नहीं है।
विज्ञापन