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Barabanki News: कचरा प्लांट चला, तीन महीने में पूरे शहर के कचरे का होगा सफाया
Tue, 16 Dec 2025 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 16 Dec 2025 11:47 PM IST
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बाराबंकी। शहर के कचरा निस्तारण प्लांट स्थल पर जहां चार महीने पहले कचरे का एक विशाल पहाड़ था, अब उसकी जगह कचरे से बनी जैविक खाद का ढेर दिखाई दे रहा है। प्लांट बंद होने के कारण यहां करीब 64 हजार टन कचरा जमा हो गया था। जिसमें से अब तक 25 हजार टन कचरे का निस्तारण किया जा चुका है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अगले तीन माह में कचरे के इस पुराने ढेर को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए।
वर्ष 2012 में ककरहिया (नबवा-पल्हरी वार्ड) में यह कचरा निस्तारण प्लांट शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे इसकी मशीनें खराब हो गईं। डेढ़ साल पहले तत्कालीन डीएम सत्येंद्र कुमार ने इसका संचालन दोबारा शुरू कराया था। बाद में फर्म का अनुबंध समाप्त होने के बाद आई दिक्कतों को वर्तमान डीएम शशांक त्रिपाठी ने दूर कराया।
डीएम शशांक त्रिपाठी के प्रयासों से फर्म के अनुबंध की सभी बाधाएं दूर हुईं और प्लांट के दोबारा चालू होने से कचरे का पहाड़ घटा है और उसकी जगह उत्कृष्ट जैविक खाद बनकर तैयार हो रही है। नगर पालिका परिषद के ईओ संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि अगले तीन माह में पुराने कचरे का निस्तारण पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पुराने कचरे के समाप्त होने के बाद, शहर के अलावा आसपास की नगर पंचायतों का कचरा भी यहीं लाया जाएगा। बताया कि कचरे से प्लास्टिक को अलग रखा जा रहा है, जिसका उपयोग फैक्ट्रियों में ईंधन के रूप में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्लांट से ईंटें भी निकाली गई हैं, जिनका प्रयोग सड़क बनाने के काम आएगा।
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वर्ष 2012 में ककरहिया (नबवा-पल्हरी वार्ड) में यह कचरा निस्तारण प्लांट शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे इसकी मशीनें खराब हो गईं। डेढ़ साल पहले तत्कालीन डीएम सत्येंद्र कुमार ने इसका संचालन दोबारा शुरू कराया था। बाद में फर्म का अनुबंध समाप्त होने के बाद आई दिक्कतों को वर्तमान डीएम शशांक त्रिपाठी ने दूर कराया।
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डीएम शशांक त्रिपाठी के प्रयासों से फर्म के अनुबंध की सभी बाधाएं दूर हुईं और प्लांट के दोबारा चालू होने से कचरे का पहाड़ घटा है और उसकी जगह उत्कृष्ट जैविक खाद बनकर तैयार हो रही है। नगर पालिका परिषद के ईओ संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि अगले तीन माह में पुराने कचरे का निस्तारण पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पुराने कचरे के समाप्त होने के बाद, शहर के अलावा आसपास की नगर पंचायतों का कचरा भी यहीं लाया जाएगा। बताया कि कचरे से प्लास्टिक को अलग रखा जा रहा है, जिसका उपयोग फैक्ट्रियों में ईंधन के रूप में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्लांट से ईंटें भी निकाली गई हैं, जिनका प्रयोग सड़क बनाने के काम आएगा।
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