{"_id":"64bc319a0fa44364c6016506","slug":"the-end-of-oppression-was-the-martyrdom-of-a-six-month-old-thirsty-child-barabanki-news-c-315-1-brp1005-977-2023-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: जुल्म की इंतेहा थी छह माह के प्यासे बच्चे की शहादत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: जुल्म की इंतेहा थी छह माह के प्यासे बच्चे की शहादत
Sun, 23 Jul 2023 01:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 23 Jul 2023 01:14 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। कर्बला के सबसे नन्हे शहीद इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के छह माह के बेटे जनाबे अली असगर अस की शहादत के हवाले से यौमे अली असगर मनाया गया। इस मौके पर बच्चों के साथ सैकड़ों अजादार यौमे असगर में शामिल हुए।
अजादारों को खिताब फरमाते हुए शनिवार को मौलाना रजा हैदर जैदी ने कहा कि कर्बला में इमाम हुसैन के छह महीने के प्यासे बच्चे की शहादत जुल्म की इंतेहा थी। दूसरी तकरीर में मौलाना जनाब रजा हुसैन साहब ने मसाइब बयान करते हुए कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम जनाबे अली असगर को लेकर मैदान में इसलिए आए थे कि ताकि यजीद की फौज से छह माह के लिए बच्चे के लिए पानी का इंतजाम कर सकें। मगर जुल्म की हद तो तब हो गई जब छह माह के बच्चे को भी तीर मारकर शहीद कर दिया गया।
मौलाना अबीब हसन जैदपुरी ने बयान में फरमाया कि कर्बला में यजीद के जुल्म ज्यादती और दुनिया में हो रहे आतंकवाद व आईएसआईएस के ईराक में हुए सैकड़ों बच्चों के जुल्म के खिलाफ ईरान से शुरू होकर पूरी आज पूरी दुनिया के 75 देशों से ज्यादा मुल्कों में यौमे अली असगर मनाया जा रहा है। जिले में आठ लाख से ज्यादा पैगंबरे इस्लाम के नवासे इंसानियत हक सच्चाई इंसाफ बचाने के लिए हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और शहीदाने कर्बला को मानने वाले अजादार गम में डूब गए। वहीं इमामबाड़ा मीर मासूल अली में मौलाना जारि जौरासी ने खिताब किया।
विज्ञापन
इमाम बारगाह आगा फैयाज मियाजानी के अजाखाने में मौलाना और इमामबाड़ा मोहसिन हुसैन में आल इंडिया चांद कमेटी के सचिव मौलाना तसनीम मेहंदी, कर्बला सिविल लाइन में मौलाना मुज्तबा, इमामबाड़ा वक्फ में ए जैनब, अजाखाना हैदर हाउस कंपनी बाग, अजाखाना मरहूम एजाज हुसैन, अजाखाना मरहूू सैय्यद आले मोहम्मद, अस्करी नगर में अजाखाना नासिर, अजाखाना नवाब साहब में मजलिसों का आयोजन देर रात तक चलता रहा। वहीं जैदपुर, असंद्रा, किंतूर, मौथरी, मित्तई देवा शरीफ, मझगवां, बेलहरा, फतेहपुर, हैदरगढ़, कादिरपुर, चंदवारा, इब्राहिमाबाद, जौरास में भी मजलिसों का दौर चलता रहा।
विज्ञापन
अजादारों को खिताब फरमाते हुए शनिवार को मौलाना रजा हैदर जैदी ने कहा कि कर्बला में इमाम हुसैन के छह महीने के प्यासे बच्चे की शहादत जुल्म की इंतेहा थी। दूसरी तकरीर में मौलाना जनाब रजा हुसैन साहब ने मसाइब बयान करते हुए कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम जनाबे अली असगर को लेकर मैदान में इसलिए आए थे कि ताकि यजीद की फौज से छह माह के लिए बच्चे के लिए पानी का इंतजाम कर सकें। मगर जुल्म की हद तो तब हो गई जब छह माह के बच्चे को भी तीर मारकर शहीद कर दिया गया।
विज्ञापन
मौलाना अबीब हसन जैदपुरी ने बयान में फरमाया कि कर्बला में यजीद के जुल्म ज्यादती और दुनिया में हो रहे आतंकवाद व आईएसआईएस के ईराक में हुए सैकड़ों बच्चों के जुल्म के खिलाफ ईरान से शुरू होकर पूरी आज पूरी दुनिया के 75 देशों से ज्यादा मुल्कों में यौमे अली असगर मनाया जा रहा है। जिले में आठ लाख से ज्यादा पैगंबरे इस्लाम के नवासे इंसानियत हक सच्चाई इंसाफ बचाने के लिए हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और शहीदाने कर्बला को मानने वाले अजादार गम में डूब गए। वहीं इमामबाड़ा मीर मासूल अली में मौलाना जारि जौरासी ने खिताब किया।
विज्ञापन
इमाम बारगाह आगा फैयाज मियाजानी के अजाखाने में मौलाना और इमामबाड़ा मोहसिन हुसैन में आल इंडिया चांद कमेटी के सचिव मौलाना तसनीम मेहंदी, कर्बला सिविल लाइन में मौलाना मुज्तबा, इमामबाड़ा वक्फ में ए जैनब, अजाखाना हैदर हाउस कंपनी बाग, अजाखाना मरहूम एजाज हुसैन, अजाखाना मरहूू सैय्यद आले मोहम्मद, अस्करी नगर में अजाखाना नासिर, अजाखाना नवाब साहब में मजलिसों का आयोजन देर रात तक चलता रहा। वहीं जैदपुर, असंद्रा, किंतूर, मौथरी, मित्तई देवा शरीफ, मझगवां, बेलहरा, फतेहपुर, हैदरगढ़, कादिरपुर, चंदवारा, इब्राहिमाबाद, जौरास में भी मजलिसों का दौर चलता रहा।