{"_id":"66b15ccdaabbbcec020f6a04","slug":"ten-beds-reserved-in-the-district-hospital-six-each-in-the-chc-barabanki-news-c-315-1-slko1014-122003-2024-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: जिला अस्पताल में दस, सीएचसी पर छह-छह बेड आरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: जिला अस्पताल में दस, सीएचसी पर छह-छह बेड आरक्षित
Tue, 06 Aug 2024 04:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 06 Aug 2024 04:44 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। डेंगू मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। इसको लेकर सभी सीएचसी अधीक्षकों को डेंगू पीड़ितों के इलाज के लिए छह-छह बेड व जिला अस्पताल में दस बेड आरक्षित कर विशेष वार्ड बनाने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को भी गांवों में डेंगू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक बनाने के लिए कहा गया है।
डेंगू के दो संदिग्ध मरीजों को रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके चलते ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह गांवों में शिविर आयोजित कर आशाओं के माध्यम से लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक बनाने का कार्य भी करें। बताया जाए कि डेंगू एक मच्छरजनित बीमारी है इससे बचाव के लिए मच्छरों से बचाव बहुत जरूरी है। क्योंकि इनका लार्वा वहीं पर उत्पन्न होता है जहां पर जलभराव में ठहराव रहता है।
जिला अस्पताल में डेंगू के भर्ती दोनों मरीजों की सोमवार को अस्पताल प्रशासन की ओर से एलाइजा जांच कराई गई। इसमें दोनों बुखार पीड़ितों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग ने राहत महसूस की है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ब्रजेश कुमार ने बताया कि मुकुंदी लाल और सौरभ अवस्थी का इलाज वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजेश कुशवाहा की निगरानी में किया जा रहा है। जांच में मुकुंदीलाल मलेरिया वाई वैक्स पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि सौरभ अवस्थी ने निजी पैथालॉजी से कार्ड से डेंगू की जांच कराई थी। इसमें वह पॉजिटिव आए थे। सोमवार को दोनों की एलाइजा जांच कराई गई जिसमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डेंगू के दो संदिग्ध मरीजों को रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके चलते ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह गांवों में शिविर आयोजित कर आशाओं के माध्यम से लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक बनाने का कार्य भी करें। बताया जाए कि डेंगू एक मच्छरजनित बीमारी है इससे बचाव के लिए मच्छरों से बचाव बहुत जरूरी है। क्योंकि इनका लार्वा वहीं पर उत्पन्न होता है जहां पर जलभराव में ठहराव रहता है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में डेंगू के भर्ती दोनों मरीजों की सोमवार को अस्पताल प्रशासन की ओर से एलाइजा जांच कराई गई। इसमें दोनों बुखार पीड़ितों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग ने राहत महसूस की है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ब्रजेश कुमार ने बताया कि मुकुंदी लाल और सौरभ अवस्थी का इलाज वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजेश कुशवाहा की निगरानी में किया जा रहा है। जांच में मुकुंदीलाल मलेरिया वाई वैक्स पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि सौरभ अवस्थी ने निजी पैथालॉजी से कार्ड से डेंगू की जांच कराई थी। इसमें वह पॉजिटिव आए थे। सोमवार को दोनों की एलाइजा जांच कराई गई जिसमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
विज्ञापन