{"_id":"6508a77d1c007630d20e1444","slug":"teams-do-not-reach-on-time-how-to-control-lumpi-barabanki-news-c-315-1-brp1007-4694-2023-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: समय से नहीं पहुंचतीं टीमें, कैसे लगे लंपी पर लगाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: समय से नहीं पहुंचतीं टीमें, कैसे लगे लंपी पर लगाम
Tue, 19 Sep 2023 01:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 19 Sep 2023 01:09 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। लंपी वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच सरकारी डॉक्टरों की टीमें समय से न पहुंचने के कारण पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर गोशालाएं भी लंपी वायरस के प्रकोप से अछूती नहीं हैं। विभाग की ओर से बीमारी का प्रसार रोकने को लेकर गोशालाओं में छिड़काव का अभियान चलाया गया।
लंपी वायरस से अब तक 294 मवेशी पीड़ित मिल चुके हैं, लेकिन बड़ी तादाद में बीमार मवेशियों की जानकारी अपडेट नहीं हो पाई है। सिद्धौर के रैसड़ा स्थित गो आश्रय स्थल पर दो गोवंश लंपी के शिकार हैं। इसके साथ क्षेत्र में दो और मवेशी बीमारी से पीड़ित हैं। कोठी में जानकी प्रसाद का एक मवेशी बीमारी से ग्रसित है, लेकिन टीम के न पहुंचने के कारण निजी चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं।
त्रिवेदीगंज के कान्हीपुर गांव में लंपी बीमारी से चार मवेशी बीमार हैं। पशुपालकों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा। गांव के राम किशोर बाजपेई, राकेश बाजपेई, अशोक दीक्षित व ललित शुक्ला ने बताया कि सूचना के बाद भी सरकार मदद नहीं मिली है। ऐसे में निजी डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
वहीं गोशालाओं में लंपी का प्रकोप थामने के लिए सोमवार को अभियान चलाकर दवाओं का छिड़काव कराया गया। साथ ही पीड़ित मवेशियों को अन्य स्वस्थ्य मवेशियों से अलग थलग करते हुए इलाज शुरू कराया गया। सीवीओ डॉ. धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि अब तक 94700 मवेशियों का टीकाकरण कराया गया है।
विज्ञापन
लंपी वायरस से अब तक 294 मवेशी पीड़ित मिल चुके हैं, लेकिन बड़ी तादाद में बीमार मवेशियों की जानकारी अपडेट नहीं हो पाई है। सिद्धौर के रैसड़ा स्थित गो आश्रय स्थल पर दो गोवंश लंपी के शिकार हैं। इसके साथ क्षेत्र में दो और मवेशी बीमारी से पीड़ित हैं। कोठी में जानकी प्रसाद का एक मवेशी बीमारी से ग्रसित है, लेकिन टीम के न पहुंचने के कारण निजी चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं।
विज्ञापन
त्रिवेदीगंज के कान्हीपुर गांव में लंपी बीमारी से चार मवेशी बीमार हैं। पशुपालकों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा। गांव के राम किशोर बाजपेई, राकेश बाजपेई, अशोक दीक्षित व ललित शुक्ला ने बताया कि सूचना के बाद भी सरकार मदद नहीं मिली है। ऐसे में निजी डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
वहीं गोशालाओं में लंपी का प्रकोप थामने के लिए सोमवार को अभियान चलाकर दवाओं का छिड़काव कराया गया। साथ ही पीड़ित मवेशियों को अन्य स्वस्थ्य मवेशियों से अलग थलग करते हुए इलाज शुरू कराया गया। सीवीओ डॉ. धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि अब तक 94700 मवेशियों का टीकाकरण कराया गया है।