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बार्डर की ओर रवाना हुए तीन एबीबीएस छात्र
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बाराबंकी। युद्ध से यूक्रेन में बढ़ते संकट के बीच तीन एमबीबीएस छात्र बस व ट्रेन से बॉर्डर की ओर रवाना हो गए हैं। जबकि खारकीव में दो छात्र अभी बंकर में फंसे हैं। ट्रेनों का संचालन तो शुरू हो गया। लगातार हो रहे धमाकों के चलते बंकर से बाहर निकलने से डर रहे छात्र इंडियन एंबेसी से सम्पर्क में जुटे हैं। जहां से उन्हें भी एक-दो दिनों में बाहर निकलने का आश्वासन मिल रहा है। वहीं न्यूज चैनल पर यूक्रेन की खबरें व एक छात्र की मौत ने परिवारीजनों की चिंता बढ़ा दी है। सफर के दौरान बात करने पर रोक को लेकर छात्र व्हाट्सएप चैटिंग कर परिवारीजनों से बात कर रहे हैं।
यूक्रेन में फंसे बाराबंकी के पांच छात्रों के परिवारीजनों ने मंगलवार को अमर उजाला से हुई बात में यह बातें बयां की। शहर के दीनदयाल नगर मोहल्ला निवासी निवासी पिता राज किशोर वर्मा का बेटा प्रज्ज्वल खारकीव यूनिवर्सिटी का छात्र है। पिता राजकिशोर ने बताया कि बेटे से बात हुई है। ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है।
बंकर से निकलकर बॉर्डर तक आने को लेकर वह प्रयास में है। खारकीव नेशनल यूनिवर्सिटी के छात्र व शहर के ही देवा रोड निवासी सुमित के भाई संतोष वर्मा ने बताया कि सुमित ने देर शाम ट्रेन से हंगरी बॉर्डर के लिए निकलने की सूचना दी है। रामनगर तहसील के सूरतगंज कस्बा निवासी अनस के दादा ने बताया कि मंगलवार को उजरौथ नेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बस का इंतजाम करा दिया है। जिसे पकड़कर अनस हंगरी बॉर्डर की ओर बढ़ रहा है।
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शहर के ही सत्यप्रेमीनगर निवासी छात्र प्रसून शुक्ला के भाई प्रखर शुक्ल ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों के लिए एक बस का इंतजाम करा दिया है। जिसे पकड़कर प्रसून हंगरी बॉर्डर की ओर निकला है। उसने बताया कि सड़क पर वाहनों की भारी भीड़ से दूरी तय करने में 10 घंटे से अधिक समय लगेगा।
वहीं सत्यप्रेमीनगर की एकता विहार कॉलोनी ने निवासी छात्र प्रखर की मां ने बताया कि बेटे से बात हुई है। उसने बताया कि ट्रेन व टैक्सी चलने लगी है। जिसे पकड़कर वह रोमानिया बॉर्डर की ओर निकला है। उसे खाने में बंद मिला था। हालांकि सफर के दौरान बेटे ने व्हाट्सएप पर चैटिंग कर बात करने को कहा है।
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यूक्रेन में फंसे बाराबंकी के पांच छात्रों के परिवारीजनों ने मंगलवार को अमर उजाला से हुई बात में यह बातें बयां की। शहर के दीनदयाल नगर मोहल्ला निवासी निवासी पिता राज किशोर वर्मा का बेटा प्रज्ज्वल खारकीव यूनिवर्सिटी का छात्र है। पिता राजकिशोर ने बताया कि बेटे से बात हुई है। ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है।
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बंकर से निकलकर बॉर्डर तक आने को लेकर वह प्रयास में है। खारकीव नेशनल यूनिवर्सिटी के छात्र व शहर के ही देवा रोड निवासी सुमित के भाई संतोष वर्मा ने बताया कि सुमित ने देर शाम ट्रेन से हंगरी बॉर्डर के लिए निकलने की सूचना दी है। रामनगर तहसील के सूरतगंज कस्बा निवासी अनस के दादा ने बताया कि मंगलवार को उजरौथ नेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बस का इंतजाम करा दिया है। जिसे पकड़कर अनस हंगरी बॉर्डर की ओर बढ़ रहा है।
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शहर के ही सत्यप्रेमीनगर निवासी छात्र प्रसून शुक्ला के भाई प्रखर शुक्ल ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों के लिए एक बस का इंतजाम करा दिया है। जिसे पकड़कर प्रसून हंगरी बॉर्डर की ओर निकला है। उसने बताया कि सड़क पर वाहनों की भारी भीड़ से दूरी तय करने में 10 घंटे से अधिक समय लगेगा।
वहीं सत्यप्रेमीनगर की एकता विहार कॉलोनी ने निवासी छात्र प्रखर की मां ने बताया कि बेटे से बात हुई है। उसने बताया कि ट्रेन व टैक्सी चलने लगी है। जिसे पकड़कर वह रोमानिया बॉर्डर की ओर निकला है। उसे खाने में बंद मिला था। हालांकि सफर के दौरान बेटे ने व्हाट्सएप पर चैटिंग कर बात करने को कहा है।