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घाघरा में समाए सात मकान
Amar ujala Bureau
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:54 PM IST
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नदी
- फोटो : अमर उजाला
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सूरतगंज क्षेत्र के सरसंडा गांव में सात और घर घाघरा में समा गए हैं। लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन कर रहे हैं। इस क्षेत्र के अब तक करीब 29 घर नदी में समा चुके हैं। हालांकि, नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है लेकिन पानी खतरे के निशान से अब भी 21 सेमी ऊपर बह रहा है।
सूरतगंज क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित सरसंडा गांव निवासी मो. शमीमुद्दीन, बफाती, मो. हारुन, मो. कलाम समेत करीब सात लोगों के मकान नदी में समा गए हैं। जिससे लोगों में हड़कंप मच गया है। लोग सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने लगे हैं। लोगों का कहना है इससे पहले कचनापुर गांव के करीब 22 लोगों के घर नदी में समा चुके हैं।
अब तक 29 लोगों के घर घाघरा नदी की भेंट चढ़ चुके हैं। पानी धीरे-धीरे खतरे के निशान 106.076 से घटकर 106.286 पर पहुंच गया है। लेकिन पानी अब भी खतरे के निशान से 21 सेमी. ऊपर बह रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के जिन एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है, उनमें संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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सूरतगंज क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित सरसंडा गांव निवासी मो. शमीमुद्दीन, बफाती, मो. हारुन, मो. कलाम समेत करीब सात लोगों के मकान नदी में समा गए हैं। जिससे लोगों में हड़कंप मच गया है। लोग सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने लगे हैं। लोगों का कहना है इससे पहले कचनापुर गांव के करीब 22 लोगों के घर नदी में समा चुके हैं।
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अब तक 29 लोगों के घर घाघरा नदी की भेंट चढ़ चुके हैं। पानी धीरे-धीरे खतरे के निशान 106.076 से घटकर 106.286 पर पहुंच गया है। लेकिन पानी अब भी खतरे के निशान से 21 सेमी. ऊपर बह रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के जिन एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है, उनमें संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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