{"_id":"5894cac64f1c1bf340e815c8","slug":"set-aside-the-order-of-the-high-command-in-the-fray-ram-gopal","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकमान का आदेश दरकिनार कर मैदान में डटे रामगोपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकमान का आदेश दरकिनार कर मैदान में डटे रामगोपाल
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Fri, 03 Feb 2017 11:54 PM IST
विज्ञापन
बाराबंकी के नवाबगंज तहसील में चुनाव चिन्ह लेने के लिए आए प्रत्याशी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जैदपुर विधानसभा सीट पर सपा विधायक रामगोपाल रावत ने हाईकमान के आदेश के बावजूद नामांकन वापस नहीं लिया। उधर सपा के जिलाध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा रामगोपाल रावत ने पार्टी हाई कमान का आदेश मानने से इन्कार कर दिया है।
उनके खिलाफ पार्टी हाई कमान को कड़ी कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा है। कहा है कि पार्टी के कार्यकर्ता रामगोपाल का प्रचार नहीें करेंगे। उधर कांग्रेस के नेता पीएल पुनिया ने कहा कि समाज वादी पार्टी क्या कार्रवाई करती है इस पर तय होगा कि गठबंधन का धर्म कितना निभाया गया।
सपा और कांग्रेस के बीच हुए चुनावी गठबंधन में जिले की जैदपुर सुरक्षित विधानसभा सीट कांग्रेस को दी थी। तभी पीएल पुनिया ने अपने पुत्र तनुज पुनिया को चुनाव मैदान में उतारा था। पर यहां से विधायक रहे रामगोपाल रावत ने रोक के बावजूद अपना नामांकन कर दिया।
विज्ञापन
गुरुवार को पार्टी के सपा कार्यालय प्रभारी अरविंद यादव ने सपा जिलाध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह को पत्र भेजकर पर्चा वापस कराने को कहा था। शुक्रवार को पूरे दिन रामगोपाल को लेकर चर्चाएं तेज थीं। तहसील परिसर में तीन बजे तक रामगोपाल के फैसले को लेकर सबकी निगाहें टिकी रहीं, पर वह मोबाइल बंद कर भूमिगत हो गए।
इस पर सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि उनसे नाम वापस लेने से मना कर दिया। इसकी जानकारी हाईकमान को दे दी गई है। रामगोपाल का फैसला पार्टी हाईकमान से बगावत का है। पार्टी का कोई कार्यकर्ता उनका प्रचार नहीं करेगा। रामगोपाल के समर्थक उमाकांत ने प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित होकर साइकिल चुनाव निशान हासिल किया।
विज्ञापन
उनके खिलाफ पार्टी हाई कमान को कड़ी कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा है। कहा है कि पार्टी के कार्यकर्ता रामगोपाल का प्रचार नहीें करेंगे। उधर कांग्रेस के नेता पीएल पुनिया ने कहा कि समाज वादी पार्टी क्या कार्रवाई करती है इस पर तय होगा कि गठबंधन का धर्म कितना निभाया गया।
विज्ञापन
सपा और कांग्रेस के बीच हुए चुनावी गठबंधन में जिले की जैदपुर सुरक्षित विधानसभा सीट कांग्रेस को दी थी। तभी पीएल पुनिया ने अपने पुत्र तनुज पुनिया को चुनाव मैदान में उतारा था। पर यहां से विधायक रहे रामगोपाल रावत ने रोक के बावजूद अपना नामांकन कर दिया।
विज्ञापन
गुरुवार को पार्टी के सपा कार्यालय प्रभारी अरविंद यादव ने सपा जिलाध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह को पत्र भेजकर पर्चा वापस कराने को कहा था। शुक्रवार को पूरे दिन रामगोपाल को लेकर चर्चाएं तेज थीं। तहसील परिसर में तीन बजे तक रामगोपाल के फैसले को लेकर सबकी निगाहें टिकी रहीं, पर वह मोबाइल बंद कर भूमिगत हो गए।
इस पर सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि उनसे नाम वापस लेने से मना कर दिया। इसकी जानकारी हाईकमान को दे दी गई है। रामगोपाल का फैसला पार्टी हाईकमान से बगावत का है। पार्टी का कोई कार्यकर्ता उनका प्रचार नहीं करेगा। रामगोपाल के समर्थक उमाकांत ने प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित होकर साइकिल चुनाव निशान हासिल किया।