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Barabanki News: सरयू नदी चेतावनी बिंदु के करीब, 13 गांवों पर सबसे पहले बाढ़ का खतरा

Fri, 10 Jul 2026 01:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Fri, 10 Jul 2026 01:29 AM IST
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Saryu River near warning mark; 13 villages face immediate flood threat.
बाराबंकी। बाढ़ अभी आई नहीं है लेकिन उसकी आहट तराई के गांवों तक पहुंच चुकी है। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर, नेपाल के बैराजों से पानी छोड़ने से शुरू हुई कटान ने सिरौलीगौसपुर, रामनगर व रामसनेहीघाट तहसील के हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
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प्रशासन राहत और बचाव की तैयारियों का दावा कर रहा है जबकि गांवों में लोग नावों की मरम्मत और जरूरी सामान जुटाने में लग गए हैं। हर किसी की नजर अब नेपाल से छोड़े जाने वाले पानी पर टिकी है। तराई एक बार फिर सहमी है।
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जिले में सरयू नदी की बाढ़ का सबसे बड़ा कारण जिले की बारिश नहीं बल्कि नेपाल के बनबसा, शारदा व गिरिजा बैराजों से छोड़ा जाने वाला अतिरिक्त पानी है। यही वजह है कि अधिक बारिश वाले वर्षों में भी बाढ़ कम आई, जबकि कम बारिश के बावजूद नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई।
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वर्ष 2023 में जिले में 1379.31 मिमी बरसात हुई, मगर सरयू का अधिकतम जलस्तर 106.696 मीटर रहा। वहीं वर्ष 2024 में 928.07 मिमी बारिश के बाद भी जलस्तर सबसे अधिक 107.006 मीटर पहुंच गया था। वर्ष 2025 में 1174.62 मिमी बारिश के बाद भी जलस्तर 107 मीटर के नीचे ही 106.600 मीटर पर पहुंच सका।
वर्ष 2021 में 1474 मिमी बारिश के बाद भी जलस्तर 106.856 तक पहुंचा था। ये आंकड़े बताते हैं कि बाराबंकी की बाढ़ का रिमोट कंट्रोल नेपाल के बैराजों में है। इन दिनों नेपाल के बैराजों से 84 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की वजह से सरयू का जलस्तर बढ़ गया। सिरौली गौसपुर क्षेत्र में जलस्तर पिछले पांच दिनों से लगातार बढ़ रहा है।
सनावा, टेपरा और भैरवकोल गांव के पास खेतों में कटान शुरू हो चुकी है। अभी कटान रेतीले हिस्से में है लेकिन जलस्तर बढ़ता रहा तो फसल भी चपेट में आ जाएगी। बृहस्पतिवार को रामनगर के गणेशपुर इलाके में नदी के घाटों पर ग्रामीण अपनी नावों की मरम्मत करते मिले। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ आने से पहले यही तैयारी करनी पड़ती है क्योंकि संकट के समय नाव ही सबसे बड़ा सहारा बनती है।


87 गांवों के 17760 परिवारों पर संभावित खतरा
इस बार प्रशासन ने जिले के 87 गांव के 119 मजरों में बसे 17760 परिवार, 250 दिव्यांग और 21012 पशुओं को संभावित बाढ़ प्रभावित श्रेणी में रखा है। अनुमान है कि 4,452 हेक्टेयर क्षेत्र जलमग्न हो सकता है। वर्ष 2024 में नेपाल से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद रामनगर क्षेत्र का बबुरी गांव बुरी तरह प्रभावित हुआ था। केदारीपुर में भी नदी ने भारी कटान की थी। इस बार ग्रामीणों को डर है कि वही हालात दोबारा न बन जाएं।


चेतावनी स्तर : 105.70 मीटर
लाल निशान- 106.70
मौजूदा जलस्तर- 104.907

कंट्रोल रूम तैयार, हेल्पलाइन नंबर जारी
जिला प्रशासन ने बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित कर इसका नंबर 05248-226017 जारी किया है। जबकि हेल्पलाइन नंबर 1077 व मोबाइल नंबर 9454418880 भी जारी किया है। एडीएम निरंकार सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था 24 घंटे सातों दिन रहेगी। इस पर बाढ़ संबंधी सूचना व मदद मांगी जा सकती है।
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