{"_id":"62f2bd8059e64b1c1510934e","slug":"saryu-river-barabanki-news-lko643418796","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर: सरयू ने तेज की किनारों पर कटान, नदी में समा गए 18 मकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर: सरयू ने तेज की किनारों पर कटान, नदी में समा गए 18 मकान
Wed, 10 Aug 2022 06:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Aug 2022 06:20 PM IST
सार
बाराबंकी के टिकैतनगर और कोटवाधाम में सरयू नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर ऊपर चढ़ गया है। जिससे करीब 18 मकान नदी में समा गए।
विज्ञापन
कटान के कारण पलायन शुरू हो गया है।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सरयू नदी कटान की चपेट में आकर तराई के 18 मकान नदी की धारा में समा गए हैं। नदी का पानी खेती योग्य जमीन और घरों को काटता हुआ गांवों की ओर बढ़ रहा है जिससे अभी कई और मकान कटान के मुहाने पर हैं। इससे यहां के लोगों में हड़कंप मचने के साथ ही पलायन और तेज हो गया हैं। वहीं प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं दिन ब दिन बढ़ती जा रही हैं गांवों में पानी भरा होने के कारण और नावें न मिलने के चलते लोग पानी से होकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रुम के अनुसार सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से एक सेमी नीचे आ गया है। नदी का जलस्तर 106.076 से घट कर 106.066 पर पहुंच गया है। टिकैतनगर क्षेत्र के बसंतपुर और पत्रा गांव के 18 मकान मंगलवार को कटान की जद में आकर नदी की धारा में समा गए। यहां के घिर्राउ, सुधर, रामसुमिरन, रविप्रताप, महेन्द्र, लखन, मनोहर, रामकरन, उमेश, कमलेश, ज्ञानी, रामसुमेर के मकान देखते ही देखते नदी की धारा में बह गए।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान अयोध्या प्रसाद ने बताया कि गनीमत यह रही कि लोग कटान को देखते हुए मकान पहले ही खाली कर चुके थे। 85 घर वाले बसंतपुर व पत्रा के अब तक 22 लोगों के मकान नदी के धारा में समाहित हो चुके हैं। जिनका मकान कट चुका है वह या तो बांध पर या अपने रिश्तेदार के यहां शरण लिए हुए हैं। वहीं सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में तेलवारी, गोबरहा, समेत करीब आधा दर्जन गांवों के पास कटान काफी तेज हो गई है। नदी का पानी खेती योग्य जमीन को अपने आगोश में लेता हुआ गांवों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
विज्ञापन
इसके अलावा गोबरहा, नव्वनपुरवा, मंझारायपुर, परसावाल, भरवकोल, इटहुआ तेलवारी गांव में पानी भरा होने के कारण यहां के लोग पानी से होकर ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। लोगों का आरोप है कि हम लोग संकट से जूझ रहे हैं लेकिन मदद तो दूर की बात प्रशासन हम लोगों को नावें तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। वहीं गांवों में पानी भर जाने से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी बढ़ने लगा है। प्राथमिक विद्यालय तेलवारी में पानी भर जाने के कारण शिक्षण का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
नहीं मिली कोई प्रशासनिक मदद
अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर जीवन गुजार रहे बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि अभी तक तहसील प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली है पन्नी त्रिपाल तो दूर की बात है यहां पर कोई हालचाल लेने तक नहीं आया है। जिससे लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। पानी अभी भी गांव के चारों तरफ भरा हुआ है जिससे अनेकों प्रकार की दिक्कतें बाढ़ पीड़ितों को हो रही हैं लोग जैसे तैसे तटबंध पर पहुंच रहे हैं।
सरयू नदी का पानी तेजी से घट रहा है और वह खतरे के निशान से एक सेमी नीचे आ गया है। रामसनेहीघाट क्षेत्र में बसंतपुर पत्रा गांव के 18 मकान कटने की जानकारी पर वहां के एसडीएम को मौके पर जाकर जांच के आदेश दिए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों की जो भी समस्याएं हैं उन्हें दूर करने के निर्देश संबंधित तहसीलों के एसडीएम को दिए गए हैं। जहां पर भी कटान हो रही उसे रोकने के आदेश बाढ़ खंड को दिए गए हैं। - राकेश कुमार सिंह, एडीएम