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Barabanki News: 19वें दिन सील रहे अयोध्या जाने वाले मार्ग
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वाहनों को डायवर्ट करते पुलिसकर्मी।
- फोटो : वाहनों को डायवर्ट करते पुलिसकर्मी।
बाराबंकी। डायवर्जन के 19वें दिन बृहस्पतिवार को भी अयोध्या की सीमाएं सील रहीं। माघी पूर्णिमा के बाद अयोध्या जाने वालों को छूट की उम्मीद थी, पर महाकुंभ स्नान कर लौटे लंबी दूरी के तीर्थ यात्रियों को भी राहत नहीं मिली। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे व अन्य मार्गों पर भटकते रहे। अयोध्या हाईवे से जुड़े सभी मार्गों पर पुलिस की नाकाबंदी ने लोगोें को परेशान कर दिया।
हैदरगढ़ क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर आगरा से दो बसों में सवार तीर्थ यात्री दौलतपुर टोल के निकट अंडर पास निराश हताश खड़े मिले। शिव कुमार, संतोष, राधेरमन व राम कुमार आदि श्रद्धालुओं ने बताया कि वह लोग सोमवार को आगरा से चले थे। प्रयागराज पहुंचकर महाकुंभ में स्नान कर मंगलवार की रात काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन को वाराणसी पहुंच गए। वहां से बुधवार की रात पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से उन्हें जौनपुर, सुल्तानपुर व जगदीशपुर से अयोध्या के मार्ग पर जाने नहीं दिया गया। लखनऊ के गोसाईगंज, सुल्तानपुर जिले के हलियापुर व हैदरगढ़ के दौलतपुर टोल के मध्य रात भर भटकते रहे। करीब 200 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय किया। अंत में अयोध्या जाने का विचार छोड़ दिया।
ग्रामीण मार्गों पर भी रहा पहरा
अयोध्या मार्ग से जुड़े ग्रामीण मार्गों पर भी कड़ा पहरा रहा। चौपुला से वाहनों को बहराइच व हैदरगढ़ मार्ग पर भेजा गया। पर कुछ लोग सुरसंडा गांव के अंदर से होकर रसौली के पास अयोध्या मार्ग पर पहुंचने की कोशिश करते दिखे, जिन्हें पुलिस ने रोका तो वापस लौटे। बदोसराय कोतवाली की पुलिस रामनगर से टिकैतनगर मार्ग बदोसराय चौराहे पर बृहस्पतिवार को डटी रही। स्थानीय लोगोें को भी पहचान पत्र दिखाने के बाद ही उनके गांव जाने दिया। कोटवाधाम, सफदरगंज व अन्य स्थानों पर जाने वाले लोग परेशान दिखे।
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अपने घर जाने को परेशान दिखे यात्री
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर चौपुला के पास खड़े मिले गोरखपुर के रहने वाले छात्र स्वास्तिकने बताया कि वह एक घंटे से खड़े हैं, पर बस नहीं मिली। एक-दो बसें गुजरी लेकिन उनमें जगह नहीं थी। गोरखपुर के ही समीर ने कहा कि घर में जरूरी काम है। डेढ़ घंटा से बस का इंतजार कर रहे हैं। अयोध्या के शिवम ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं, अयोध्या जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा। घर जाना जरूरी है।
डायवर्जन से कारोबार प्रभावित
लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर रसौली से राम सनेहीघाट तक करीब तीन सौ छोटे-बड़े ढाबे व होटल हैं। यहां महाकुंभ के चलते अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की गई है, पर डायवर्जन के कारण लाकडाउन जैसे हालात बन गए हैं। कोटवा सड़क के निकट ढाबा संचालक करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि सोचा था महाकुंभ से फायदा होगा पर नुकसान हो रहा है। अयोध्या से लौटने वाले वाहनों को भी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भेजा जा रहा है।
एडीजी ने देखा डायवर्जन का हाल
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) एसबी शिरोडकर ने बृहस्पतिवार को जिले में यातायात डायवर्जन का हाल देखा। लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर चौपुला से किये जा रहे डायवर्जन स्थल पर रुके। सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश के साथ ही इस बात की भी हिदायत दी कि आवश्यक वस्तुओं के वाहन, स्थानीय लोगोें व बीमार लोगों के वाहनों को न रोका जाए। इस मौके पर एसपी दिनेश कुमार सिंह व एएसपी डा. अखिलेश नारायण सिंह भी मौजूद रहे।
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हैदरगढ़ क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर आगरा से दो बसों में सवार तीर्थ यात्री दौलतपुर टोल के निकट अंडर पास निराश हताश खड़े मिले। शिव कुमार, संतोष, राधेरमन व राम कुमार आदि श्रद्धालुओं ने बताया कि वह लोग सोमवार को आगरा से चले थे। प्रयागराज पहुंचकर महाकुंभ में स्नान कर मंगलवार की रात काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन को वाराणसी पहुंच गए। वहां से बुधवार की रात पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से उन्हें जौनपुर, सुल्तानपुर व जगदीशपुर से अयोध्या के मार्ग पर जाने नहीं दिया गया। लखनऊ के गोसाईगंज, सुल्तानपुर जिले के हलियापुर व हैदरगढ़ के दौलतपुर टोल के मध्य रात भर भटकते रहे। करीब 200 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय किया। अंत में अयोध्या जाने का विचार छोड़ दिया।
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ग्रामीण मार्गों पर भी रहा पहरा
अयोध्या मार्ग से जुड़े ग्रामीण मार्गों पर भी कड़ा पहरा रहा। चौपुला से वाहनों को बहराइच व हैदरगढ़ मार्ग पर भेजा गया। पर कुछ लोग सुरसंडा गांव के अंदर से होकर रसौली के पास अयोध्या मार्ग पर पहुंचने की कोशिश करते दिखे, जिन्हें पुलिस ने रोका तो वापस लौटे। बदोसराय कोतवाली की पुलिस रामनगर से टिकैतनगर मार्ग बदोसराय चौराहे पर बृहस्पतिवार को डटी रही। स्थानीय लोगोें को भी पहचान पत्र दिखाने के बाद ही उनके गांव जाने दिया। कोटवाधाम, सफदरगंज व अन्य स्थानों पर जाने वाले लोग परेशान दिखे।
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अपने घर जाने को परेशान दिखे यात्री
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर चौपुला के पास खड़े मिले गोरखपुर के रहने वाले छात्र स्वास्तिकने बताया कि वह एक घंटे से खड़े हैं, पर बस नहीं मिली। एक-दो बसें गुजरी लेकिन उनमें जगह नहीं थी। गोरखपुर के ही समीर ने कहा कि घर में जरूरी काम है। डेढ़ घंटा से बस का इंतजार कर रहे हैं। अयोध्या के शिवम ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं, अयोध्या जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा। घर जाना जरूरी है।
डायवर्जन से कारोबार प्रभावित
लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर रसौली से राम सनेहीघाट तक करीब तीन सौ छोटे-बड़े ढाबे व होटल हैं। यहां महाकुंभ के चलते अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की गई है, पर डायवर्जन के कारण लाकडाउन जैसे हालात बन गए हैं। कोटवा सड़क के निकट ढाबा संचालक करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि सोचा था महाकुंभ से फायदा होगा पर नुकसान हो रहा है। अयोध्या से लौटने वाले वाहनों को भी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भेजा जा रहा है।
एडीजी ने देखा डायवर्जन का हाल
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) एसबी शिरोडकर ने बृहस्पतिवार को जिले में यातायात डायवर्जन का हाल देखा। लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर चौपुला से किये जा रहे डायवर्जन स्थल पर रुके। सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश के साथ ही इस बात की भी हिदायत दी कि आवश्यक वस्तुओं के वाहन, स्थानीय लोगोें व बीमार लोगों के वाहनों को न रोका जाए। इस मौके पर एसपी दिनेश कुमार सिंह व एएसपी डा. अखिलेश नारायण सिंह भी मौजूद रहे।