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अस्तित्व वापसी के साथ रेठ व जमुरिया होगी खूबसूरत
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बाराबंकी। नदी की कलकल व प्राकृतिक सौंदर्य को समेट हरियाली के बीच सुकून भरे पल बिताने का स्थल शहरवासियों को स्थल ल्द मिलने की उम्मीद दिखने लगी है। इसके लिए भूमाफिया की जद से जकड़ी रेठ नदी व जमुरिया नाले का खोया हुआ अस्तित्व वापस लौटाकर खूबसूरत बनाने का खाका प्रशासन ने तैयार किया है। नदी व नाले के दोनों किनारों की हरित पट्टी की भूमि पर खूबसूरत पौधों के प्लांटेशन से हरियाली बिखेरी जाएगी। नगर पालिका, राजस्व व विनियमित क्षेत्र की एक टीम गठन की प्रशासन ने इसके प्रयास शुरू कर दिए है।
शहर के बीच से निकले जमुरिया नाले व रेठ नदी के दोनों छोर पर 15 से 20 मीटर चौड़ाई वाली हरित पट्टी सरकारी प्रपत्रों में दर्ज है। उसके बावजूद हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) की भूमि तो दूर नदी व नाले का आकार भूमाफिया के प्लान से सिमट गया। कई दफा हरित पट्टी की भूमि पर अवैध निर्माण कराने वालों को नोटिस तो दिया गया मगर, हरित पट्टी की बेशकीमती भूमि का खाली कराने में प्रशासन नाकाम रहा। धीरे-धीरे कर हरित पट्टी पर बड़े-बड़े भवन व उद्योग धंधे स्थापित हो गए।
ऐसे में अब तहसील प्रशासन ने एक बार फिर कमर कसी है। रेठ नदी व जमुरिया नाले के अस्तित्व को लौटाने के साथ हरित पट्टी की भूमि पर हरियाली बिखेर कर खूबसूरत बनाने का खाका तैयार किया है। इसके लिए सबसे पहले नगर पालिका, राजस्व व विनियमित क्षेत्र की एक टीम गठित की गई है। जो पहले नदी व नाले के किनारे हरित पट्टी पर स्थापित अवैध निर्माण व उद्योग धंधों की चिन्हित करेगी। उसके बाद इसे अतिक्रमण मुक्त कराकर इसकी खूबसूरती के लिए पौधे लगाए जाएंगे। वहीं शहरवासी प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद इसके किनारे बैठकर ले सके। इसके लिए पत्थर की बेंच भी बनाई जाएगी।
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रेठ व जमुरिया व उसके किनारे की ग्रीन बेल्ट की भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे खूबसूरत बनाया जाएगा। इसको लेकर नगर पालिका, राजस्व व विनियमित क्षेत्र की टीम का गठन किया गया है। जो ग्रीन बेल्ट की भूमि के अवैध निर्माण को चिन्हित करेगी। उसके बाद अभियान चलाकर इसे अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
-अभय कुमार पाण्डेय, एसडीएम सदर
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शहर के बीच से निकले जमुरिया नाले व रेठ नदी के दोनों छोर पर 15 से 20 मीटर चौड़ाई वाली हरित पट्टी सरकारी प्रपत्रों में दर्ज है। उसके बावजूद हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) की भूमि तो दूर नदी व नाले का आकार भूमाफिया के प्लान से सिमट गया। कई दफा हरित पट्टी की भूमि पर अवैध निर्माण कराने वालों को नोटिस तो दिया गया मगर, हरित पट्टी की बेशकीमती भूमि का खाली कराने में प्रशासन नाकाम रहा। धीरे-धीरे कर हरित पट्टी पर बड़े-बड़े भवन व उद्योग धंधे स्थापित हो गए।
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ऐसे में अब तहसील प्रशासन ने एक बार फिर कमर कसी है। रेठ नदी व जमुरिया नाले के अस्तित्व को लौटाने के साथ हरित पट्टी की भूमि पर हरियाली बिखेर कर खूबसूरत बनाने का खाका तैयार किया है। इसके लिए सबसे पहले नगर पालिका, राजस्व व विनियमित क्षेत्र की एक टीम गठित की गई है। जो पहले नदी व नाले के किनारे हरित पट्टी पर स्थापित अवैध निर्माण व उद्योग धंधों की चिन्हित करेगी। उसके बाद इसे अतिक्रमण मुक्त कराकर इसकी खूबसूरती के लिए पौधे लगाए जाएंगे। वहीं शहरवासी प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद इसके किनारे बैठकर ले सके। इसके लिए पत्थर की बेंच भी बनाई जाएगी।
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रेठ व जमुरिया व उसके किनारे की ग्रीन बेल्ट की भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे खूबसूरत बनाया जाएगा। इसको लेकर नगर पालिका, राजस्व व विनियमित क्षेत्र की टीम का गठन किया गया है। जो ग्रीन बेल्ट की भूमि के अवैध निर्माण को चिन्हित करेगी। उसके बाद अभियान चलाकर इसे अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
-अभय कुमार पाण्डेय, एसडीएम सदर