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Barabanki News : बीडीओ अमित कुमार त्रिपाठी का इस्तीफा वापस, डीएम ने शासन को सौंपी रिपोर्ट
Fri, 05 Aug 2022 07:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, बाराबंकी
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Aug 2022 07:23 AM IST
सार
डीएम ने एक प्रेसनोट जारी कर बताया कि सोशल मीडिया और अखबारों से जारी किए गए तथा कथित त्याग पत्र वापस लेने की खबर प्रकाशित हो रही है। हालांकि पत्र मूलरूप से अब तक प्राप्त नहीं हुए हैं। किंतु अमित त्रिपाठी द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेषित किए गए हैं। पत्र में लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं।
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विस्तार
बाराबंकी में रामनगर के खण्ड विकास अधिकारी अमित कुमार त्रिपाठी ने डीएम और सीडीओ पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर आयुक्त ग्राम्य विकास को अपना इस्तीफा भेजा था। इस पर एसीएस ने ग्राम्य विकास आयुक्त को जांच सौंपी। दोनो पत्र बुधवार देर रात वायरल हो गए।
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बृहस्पतिवार को रामनगर विकास खण्ड से लेकर सभी जगह इस्तीफे की ही चर्चा रही। बीडीओ जहां आज कार्यालय में बैठे वहीं डीएम और सीडीओ ने पूरे प्रकरण पर गहन मंथन कर अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। देर शाम बीडीओ ने इस्तीफा वापस लेने के संकेत दिए है।
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मालूम हो कि बीडीओ का सीडीओ को संबोधित इस्तीफे का पत्र वायरल हुआ जिसमें आरोप लगाया गया कि आठ जुलाई को मेरा स्थानांतरण पुन: रामनगर किया गया है। उसी दिन शाम को लेकर चार बजकर 39 मिनट पर जिलाधिकारी कैंप कार्यालय से फोन कर मुुझे बुलाया गया। साढ़े पांच बजे पहुंचा तो वहां आप और डीएम साहब द्वारा डांटा गया।
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इसके बाद 30 जुलाई को रामनगर कार्यालय के निरीक्षण के दौरान मेरे बुखार होने के बावजूद जबरदस्ती बुलाया गया। पिछले एक माह से मुझे इतना परेशान किया गया कि एसीआर नहीं लिखा गया। उसे खराब करने की धमकी दी जाती रही। इस पत्र के साथ एसीएस ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह का भी एक पत्र वायरल हुआ जिसमें आयुक्त ग्राम्य विकास को इस्तीफे के पत्र में अंकित तथ्यों की जांच कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बृहस्पतिवार को डीएम और सीडीओ से लेकर विभागीय कार्यालयों में ब्लॉक स्तर तक इसी की चर्चा रही। बीडीओ अमित त्रिपाठी ब्लॉक कार्यालय पहुंचे और इस दौरान विभागीय अधिकारियों और बाबुओं के साथ बैठक की। उसके बाद अमृत सरोवर निर्माण के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और शाम को इस्तीफा वापसी की बात कही।
उधर डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने सूचना विभाग के ग्रुप पर एक प्रेसनोट जारी कर बताया कि सोशल मीडिया और अखबारों से जारी किए गए तथा कथित त्याग पत्र वापस लेने की खबर प्रकाशित हो रही है। हालांकि पत्र मूलरूप से अब तक प्राप्त नहीं हुए हैं। किंतु अमित त्रिपाठी द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेषित किए गए हैं। पत्र में लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं।
गत 30 जुलाई को सीडीओ, बीडीओ, पीडी डीआरडीए, डीसी मनरेगा व अन्य अधिकारियों के साथ रामनगर कार्यालय एवं स्थलीय कार्यालयों का निरीक्षण किया गया। इसमें खामियां और वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। जिनकी रिपोर्ट कार्रवाई के लिए शासन को भी भेज दी गई है। शासन के निर्देशों पर अधिकारियों द्वारा सरकारी कार्यालयों और कार्यों का भौतिक सत्यापन करना उच्चाधिकारियों का दायित्व है।